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अमित शाह की सदन में मौजूदगी पर विपक्ष अड़ा, सभापति ने रिजिजू से कहा- अनुरोध पर करें विचार

Opposition Protest: राज्यसभा में अमित शाह की मौजूदगी और 20 जुलाई को छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष ने गृह मंत्री से सदन में जवाब देने की मांग की, जबकि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नियमों का हवाला देते हुए विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। इस दौरान मल्लिकार्जुन खरगे और रिजिजू के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
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Aug 06, 2026
Amit Shah answer opposition Rajya Sabha students protest
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Photo-IANS)

Paper Leak Protest Students Police Action Delhi: राज्य सभा में गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। दरअसल, विपक्षी सांसदों की मांग है कि अमित शाह सदन के अंदर आएं और 20 जुलाई को संसद मार्च कर रहे छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर जवाब दें। इस दौरान सांसदों ने अमित शाह जवाब दो, सदन में आओ के नारे भी लगाए। 

विपक्ष के लगातार विरोध के बीच राज्य सभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से कहा कि वे गृह मंत्री के सदन में आने के विपक्ष के अनुरोध पर विचार करें।

सभापति ने रिजिजू से कहा कि मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि गृह मंत्री के सदन में आने के अनुरोध पर विचार करें। संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर आप विपक्ष की भावनाओं को गृह मंत्री तक पहुंचा सकते हैं।

पेपर लीक के विरोध में मार्च को लेकर विपक्ष का सवाल

विपक्षी सांसद 20 जुलाई को पेपर लीक के विरोध में संसद की ओर मार्च कर रहे युवाओं पर कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठा रहे थे। उनका कहना था कि इस पूरे मामले पर गृह मंत्री अमित शाह को सदन में आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। विपक्षी सांसदों ने इसी मांग को लेकर सदन में नारेबाजी की और गृह मंत्री के जवाब की मांग की।

रिजिजू ने खरगे पर नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप

इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के लगातार विरोध और व्यवधान पर राज्य सभा के नियमों का हवाला दिया। उन्होंने नियम 235 और 240 का उल्लेख करते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही में बार-बार व्यवधान डालना और एक ही मुद्दे को दोहराना नियमों के अनुरूप नहीं है।

रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर भी एक ही मुद्दे को बार-बार उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हर दिन खरगे वही बात पढ़ते हैं और वही बात कहते हैं। यह नियम हमारे नेता प्रतिपक्ष पर भी लागू होता है।

खरगे बोले- क्या कहना है, यह तय करना मेरा अधिकार

जीरो आवर की संक्षिप्त कार्यवाही के बाद सभापति ने खरगे को बोलने का मौका दिया। हालांकि, सत्ता पक्ष के सांसदों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया।

सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सभापति ने मल्लिकार्जुन खरगे को रिजिजू की टिप्पणी का जवाब देने की अनुमति दी। खरगे ने कहा कि उन्हें सदन में क्या बोलना है, यह बताने के लिए उन्हें रिजिजू से सीख लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि क्या कहना है, कब कहना है और किस तरह कहना है, यह तय करना उनका अधिकार है।

रिजिजू ने कहा- नए सदस्यों को बोलने का मौका मिले

नेता प्रतिपक्ष खरगे के आरोपों का जवाब देते हुए रिजिजू ने कहा कि वे वरिष्ठ सदस्य और विपक्ष के नेता हैं, लेकिन उन्होंने अपने पक्ष में किसी नियम का उल्लेख नहीं किया। रिजिजू ने फिर से नियम 240 का हवाला देते हुए कहा कि कोई सदस्य सभापति की अनुमति से जिस विषय पर बोल चुका है, उसी विषय को बार-बार नहीं उठा सकता।

पवन खेड़ा को लेकर रिजिजू ने कहा कि एक सदस्य के तौर पर उन्हें सदन में बोलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि खेड़ा ने अभी तक अपना पहला भाषण (मेडन स्पीच) नहीं दिया है।

Updated on:
06 Aug 2026 05:21 pm
Published on:
06 Aug 2026 05:21 pm