प्रोफेसर डूला का बचाव करते हुए फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षक संस्थान द्वारा तय दिशानिर्देशों के दायरे में रहकर ही काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर डूला पहले छात्र मामलों के डीन रह चुके हैं और वर्तमान में अकादमिक मामलों के डीन के रूप में कार्यरत हैं। वे हमेशा छात्रों की मदद के लिए जाने जाते रहे हैं, ऐसे में उन पर इस तरह के आरोप लगाना तर्कसंगत नहीं है। संस्थान में अनुशासन बनाए रखने और परीक्षा या शिक्षा प्रक्रिया में अनुचित साधनों (नकल) के इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त कदम उठाना अनिवार्य होता है, ताकि बाकी छात्रों के साथ अन्याय न हो।