Indian Railways: भारतीय रेलवे ने नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए किराए और RAC टिकट की पुरानी व्यवस्था में बदलाव किया है। इनका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है।
Indian Railways: भारतीय रेलवे ने अपनी प्रीमियम और आधुनिक 'अमृत भारत II एक्सप्रेस' ट्रेनों के संचालन को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। रेलवे बोर्ड के नए सर्कुलर के अनुसार, इन ट्रेनों में यात्रा करने के नियमों में क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं, जिसका सीधा असर यात्रियों की जेब और उनके सफर के अनुभव पर पड़ेगा। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव RAC (Reservation Against Cancellation) और न्यूनतम किराए को लेकर किया गया है।
अमृत भारत II एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास में अब यात्रियों को RAC टिकट जारी नहीं किए जाएंगे। सामान्यतः ट्रेनों में कंफर्म टिकट न होने पर यात्रियों को RAC सीट दी जाती है, जहाँ एक ही बर्थ पर दो यात्रियों को बैठकर सफर करना पड़ता है। लेकिन रेलवे ने अब इसे खत्म कर दिया है। इसका मतलब है कि या तो आपका टिकट कंफर्म होगा या फिर वह वेटिंग लिस्ट में रहेगा। इस कदम का उद्देश्य यात्रियों को सफर के दौरान अधिक स्थान और आराम प्रदान करना है।
रेलवे ने अमृत भारत II के स्लीपर क्लास के लिए न्यूनतम दूरी और किराया भी निर्धारित कर दिया है। अब अगर आप इस ट्रेन के स्लीपर क्लास में 50 या 100 किलोमीटर की छोटी दूरी के लिए टिकट बुक करते हैं, तब भी आपको कम से कम 200 किलोमीटर का किराया देना होगा।
स्लीपर क्लास: न्यूनतम दूरी 200 किमी, बेस फेयर 149 रुपये।
सेकंड क्लास (Unreserved): न्यूनतम दूरी 50 किमी, बेस फेयर लगभग 36 रुपये।
इसके अतिरिक्त, रिजर्वेशन चार्ज, सुपरफास्ट चार्ज और जीएसटी (यदि लागू हो) अलग से देना होगा।
रेलवे ने इन ट्रेनों में आरक्षण श्रेणियों (Quotas) को भी सीमित कर दिया है। अमृत भारत II में अब केवल तीन मुख्य कोटे होंगे:
साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों (60+ पुरुष और 45+ महिला) के लिए लोअर बर्थ की उपलब्धता को प्राथमिकता दी गई है। कंप्यूटर सिस्टम बुकिंग के समय ऑटोमैटिक तरीके से इन्हें लोअर बर्थ आवंटित करने का प्रयास करेगा, बशर्ते वह उपलब्ध हो।
रेलवे का यह कदम अमृत भारत ट्रेनों को एक विशिष्ट पहचान देने के लिए है। हालांकि, RAC खत्म होने से वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, लेकिन कंफर्म टिकट वाले यात्रियों के लिए सफर पहले से कहीं अधिक आरामदायक हो जाएगा। 200 किमी के न्यूनतम किराए का नियम उन यात्रियों के लिए चुनौती होगा जो कम दूरी के लिए इन ट्रेनों का सहारा लेते थे।