Punjab police left for Dibrugarh With Amritpal Singh खालिस्तान समर्थक और 'वारिस पंजाब दे' सुप्रीमो भगोड़े अमृतपाल सिंह ने अपनी गिरफ्तारी पूर्व कहा था कि, मेरी गिरफ्तारी अंत नहीं है, यह तो शुरुआत है। अगर भगवान मदद करें तो मेरे खिलाफ सभी झूठे मामले रद्द कर दिए जाएंगे। गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस अमृतपाल सिंह को बठिंडा एयरफोर्स स्टेशन से असम की डिब्रूगढ़ जेल के लिए रवाना हो गई है।

Amritpal Singh said before his arrest खालिस्तान समर्थक और 'वारिस पंजाब दे' सुप्रीमो भगोड़े अमृतपाल सिंह को पंजाब पुलिस ने रविवार सुबह को मोगा में अरेस्ट किया। अमृतपाल सिंह गिरफ़्तारी से पहले मोगा के रोडेवाला गुरुद्वारा में दिखा। जहां वह प्रवचन कर रहा था। अमृतपाल सिंह की योजना थी कि, वह अपने
समर्थकों के साथ सरेंडर करे। पर सिंह साहिब ज्ञानी जसबीर सिंह रोडे मोगा के रोडेवाला गुरुद्वारा में अमृतपाल सिंह की गिरफ़्तारी के घटनाक्रम के बारे में खुलासा करते हुए कहाकि, अमृतपाल सिंह ने खुद गिरफ्तारी दी है। वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह को असम की डिब्रूगढ़ जेल भेजा जा रहा है। पंजाब पुलिस अमृतपाल सिंह को लेकर बठिंडा एयरफोर्स स्टेशन पहुंची है। अमृतपाल पर NSA के तहत केस दर्ज है। अमृतपाल पिछले 36 दिन से फरार था। उसने अपने एक समर्थक की रिहाई के लिए 23 फरवरी को पंजाब के अजनाला थाने पर हमला किया था। 18 मार्च को पुलिस ने अमृतपाल की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी की थी, पर अमृतपाल पंजाब पुलिस और अन्य एजेंसियों को चकमा देकर फरार हो गया।
मेरी गिरफ्तारी अंत नहीं है, यह तो शुरुआत है
गिरफ्तारी से पहले गुरुद्वारे में अमृतपाल सिंह ने कहा कि, मैं दुनिया की अदालत में दोषी हो सकता हूं, पर भगवान की अदालत में दोषी नहीं हूं। एक महीने के बाद मैंने फैसला किया कि, मैं यहां लड़ाई जारी रखूंगा, मैं यहां अपने खिलाफ सभी फर्जी मामलों का सामना करूंगा। मैंने आज सरेंडर करने का फैसला किया है। मेरी गिरफ्तारी अंत नहीं है, यह तो शुरुआत है। अगर भगवान मदद करें तो मेरे खिलाफ सभी झूठे मामले रद्द कर दिए जाएंगे। इसका वीडियो भी आ चुका है जिसमें पंजाबी में अपनी बात रखता हुआ दिख रहा है।
अमृतपाल, भिंडरांवाला के गांव से हुआ गिरफ्तार
जरनैल सिंह भिंडरांवाला का जन्म पंजाब के जिस रोडे गांव में हुआ है। अमृतपाल सिंह को इसी रोडे गांव से पकड़ा गया। इतना ही नहीं, अमृतपाल सिंह ने वारिस पंजाब दे का मुखी बनने के लिए यहीं पर दस्तारबंदी समारोह किया था।
पत्नी किरणदीप कौर पर कसा गया था शिकंजा
20 अप्रैल को अमृतपाल की NRI पत्नी किरणदीप कौर को अमृतसर एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने रोक लिया था। वह लंदन जा रही थीं। श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर किरणदीप से 3 घंटे तक पूछताछ चली। इसके बाद किरणदीप को छोड़ दिया गया था।
अभी तक करीब 400 हिरासत में, 350 को छोड़ा
पंजाब पुलिस ने वारिस पंजाब दे के खिलाफ 18 मार्च को कार्रवाई शुरू की। एक महीना में पहले 24 से 48 घंटों के बीच 78 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अभी तक 400 से अधिक हिरासत में और 350 से अधिक को छोड़ा जा चुका है।