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ईरान को भारत से मिल रही मदद, सहायता भेजने के लिए मासूम बच्ची ने तोड़ी गुल्लक, भावुक कर देगा ये वीडियो

ईरान और US-इजरायल के बीच जारी जंग को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है। ऐसे समय में भारत के लोग ईरान की मदद के लिए आगे आए हैं।
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Mar 30, 2026
Iran and US-Israel Conflict
ईरान से तनाव के बीच अमेरिका ने सैन्य भर्ती के नियम बदले (सांकेतिक AI इमेज)

Iran and the US-Israel Conflict: ईरान और US-इजरायल के बीच 28 फरवरी से जंग जारी है। इस युद्ध में शामिल देशों के अलावा अन्य देशों पर भी इसका बुरा असर हुआ है। ईरान और US-इजरायल संघर्ष की वजह से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में भारत के लोग ईरान की मदद के लिए आगे हैं। भारत से ईरान के लिए राहत सामग्री भेजी जा रही है।

ईरान की मदद के लिए बच्ची ने तोड़ी गुल्लक

ईरान-इजरायल संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत के लोग लगातार ईरान की मदद कर रहे हैं। भारतीय नागरिको के इस सहयोग के लिए ईरान ने आभार जताया है। इसी क्रम में लेह (लद्दाख) में ईरान के लोगों की मदद के लिए नियमित रूप से सहयोग अभियान चलाए जा रहे हैं।

ईरान के नागरिकों को राहत भेजने के लिए चलाए जा रहे अभियानों में पैसे, कीमती धातु के आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुओं का योगदान शामिल है। ईरान के नागरिकों को राहत भेजने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक मासूम बच्ची ने अपनी गुल्लक तोड़ दी। बच्ची की गुल्लक से कुछ सिक्के और नोट निकले हैं। मासूम बच्ची का यह वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। लोग बच्ची की जमकर तारीफ कर रहे है।

युद्ध में घिरे ईरान को भारत ने भेजी मेडिकल सहायता

अमेरिका और इजराइल से युद्ध में घिरे ईरान को भारत ने हाल ही में आवश्यक चिकित्सा (Medical Assistance) सहायता भेजी है। भारत से भेजी गई दवाओं और चिकित्सा उपकरणों को ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी को सौंपा गया
है। इस मेडिकल सहायता के लिए भारत में ईरानी दूतावास ने आभार व्यक्त किया है। ईरानी दूतावास ने कहा कि यह चिकित्सा सहायता सफलतापूर्वक पहुंचाई गई। ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने भारत-तेहरान संबंधों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है।

ईरानी राजदूत बोले- भारत हमारा मित्र

मेडिकल सहायता मिलने के बाद ईरानी राजदूत मोहम्मद फतहली ने कहा कि भारत को ईरान अपना मित्र राष्ट्र मानता है। उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के हित समान हैं। इसलिए दोनों देशों को एक-दूसरे के हितों का सम्मान करना चाहिए। मोहम्मद फतहली ने बताया कि पहले भारत ने ईरान की समुद्री मदद के लिए जहाजों की आपूर्ति की थी, जब कई अन्य देशों ने सहयोग देने से मना कर दिया था। ईरान ने अन्य देशों से सहयोग न मिलने पर कड़ा संदेश भी दिया। ईरान ने कहा कि वह किसी भी कार्रवाई का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेगा।