
Andhra Pradesh Woman Assault Case: आंध्र प्रदेश के गुंटूर स्थित कृष्णाबाबू कॉलोनी में सार्वजनिक नल से पानी भरने के मामूली विवाद में एक महिला को सरेआम निर्वस्त्र कर पीटने का बेहद झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। इस घटना में सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के स्थानीय नेता की संलिप्तता के बाद राज्य में भारी राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है।
मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए दोषी नेता को पार्टी से तुरंत निलंबित करने और आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई के आदेश दिये हैं। वहीं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने इस अमानवीय कृत्य को प्रदेश में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने का सबूत बताया है।
यह पूरी घटना 15 जुलाई की रात की है, जब पानी भरने को लेकर दो परिवारों के बीच बहस छिड़ गयी थी। पुलिस के अनुसार, इस मुद्दे पर पीड़ित महिला और टीडीपी के 21वें डिवीजन के सचिव मल्लेला वेंकटरमण मूर्ति के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद आरोपी टीडीपी नेता ने पीड़ित महिला पर हमला करने के लिए एक ट्रांसजेंडर की मदद ली।
आरोप है कि माधवी नाम की ट्रांसजेंडर ने महिला की बेरहमी से पिटाई की और सरेआम उसके कपड़े फाड़ दिए। इस दौरान वहां मौजूद कुछ स्थानीय महिलाओं ने तुरंत पीड़ित महिला को ढकने के लिए कपड़े दिये और उसकी जान बचायी। घटना के अगले दिन पीड़िता ने नगरमपलेम थाने में शिकायत दर्ज करायी।
यह सनसनीखेज मामला शनिवार को तब उजागर हुआ, जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगरमपलेम थाने के इंस्पेक्टर सत्यनारायण ने बताया कि इस संबंध में नौ लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वहीं, गुंटूर पश्चिम की विधायक जी माधवी ने पुष्टि की कि आरोपी टीडीपी नेता वेंकटरमण मूर्ति को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। राज्य की गृह मंत्री वी अनिता ने भी पुलिस अधीक्षक (एसपी) से फोन पर बात कर अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं।
इस झकझोर देने वाली घटना पर मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वे इस घटना से अत्यंत मर्माहत हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "किसी भी महिला का अपमान पूरी तरह से अस्वीकार्य है और हमारे समाज में इसके लिए कोई जगह नहीं है। मैंने तुरंत और सख्त कार्रवाई के आदेश दिये हैं। इसके तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा गया है और संबंधित नेता को निलंबित किया जा रहा है।"
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बिना किसी डर या पक्षपात के निष्पक्षता से कानून लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और राजनीतिक जुड़ाव के आधार पर किसी भी अपराधी को संरक्षण नहीं दिया जायेगा, ताकि राज्य की हर महिला अपनी सुरक्षा को लेकर आश्वस्त रह सके।
दूसरी ओर, विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने इस घटना को लेकर सरकार और पुलिस तंत्र पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि यह घटना मानवता पर कलंक है और राज्य में कानून का राज खत्म होने का जीता-जागता प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि बुधवार को हुई इस बर्बरता को पुलिस ने तीन दिनों तक दबाकर रखा और वीडियो वायरल होने के बाद जब जनता का आक्रोश बढ़ा, तब सरकार अचानक फुर्ती दिखाने का नाटक कर रही है।
श्री रेड्डी ने सवाल उठाया कि अगर पुलिस ने पीड़िता की शुरुआती शिकायत पर ही त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में ले लिया होता, तो यह क्रूरता इस हद तक न बढ़ती।
श्री रेड्डी ने मुख्यमंत्री से सीधा सवाल किया कि क्या उनके राज में महिलाओं की सुरक्षा का यही स्तर है? उन्होंने चेतावनी दी कि पूरे राज्य की महिलाओं में पनप रहा यह आक्रोश अंततः इस सरकार को जवाबदेह ठहरायेगा।