
Hammer Throw Anushka Yadav: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के छोटे से गांव बलैनी की रहने वाली 18 वर्षीय हैमर थ्रो खिलाड़ी अनुष्का यादव ने भारतीय एथलेटिक्स में नया इतिहास रच दिया। भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने महिलाओं की हैमर थ्रो स्पर्धा में 67.02 मीटर का शानदार थ्रो कर राष्ट्रीय रेकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही वे भारत की सबसे कम उम्र की राष्ट्रीय रेकॉर्डधारी एथलीट बन गई हैं। अनुष्का ने वर्ष 2017 में सरिता सिंह द्वारा बनाए गए 65.25 मीटर के रेकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
अनुष्का यादव उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बलेनी गांव की रहने वाली हैं। उनका परिवार खेती से जुड़ा है और पिता किसान हैं। घर में खेल का माहौल पहले से था, क्योंकि उनके पिता सुशील यादव खुद हैमर थ्रो खिलाड़ी रह चुके हैं। बचपन में अनुष्का का सपना 100 मीटर स्प्रिंट में आगे बढने का था, लेकिन पिता ने उनकी ताकत और शारीरिक क्षमता को देखते हुए उन्हें हैमर थ्रो अपनाने की सलाह दी। सिर्फ 12 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार हैमर थ्रो का अभ्यास शुरू किया। स्थानीय मैदान पर लगातार मेहनत की और धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गईं।
अनुष्का अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय पिता सुशील यादव को देती हैं। उन्होंने बताया कि पिता ने ही उन्हें हैमर थ्रो की बारीकियां सिखाईं। आज उनके साथ तीन कोच काम कर रहे हैं, लेकिन शुरुआती प्रशिक्षण घर और स्थानीय मैदान से ही शुरू हुआ था। किसान परिवार होने के कारण सुविधाएं सीमित थीं। इसके बावजूद परिवार ने उनकी तैयारी में कोई कमी नहीं आने दी।
अनुष्का ने प्रतियोगिता की शुरुआत 62.07 मीटर के थ्रो से की। दूसरे प्रयास में उन्होंने 65.64 मीटर फेंककर राष्ट्रीय रेकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके बाद अंतिम प्रयास में 67.02 मीटर का थ्रो कर उन्होंने अपना ही रेकॉर्ड और बेहतर बना दिया। इसी के साथ उन्होंने अगले एशियाई खेलों के लिए एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया का 61.72 मीटर का क्वालिफाइंग मानक भी आसानी से पार कर लिया।