राष्ट्रीय

तंबाकू की लत छूटे तो देश के 2 करोड़ परिवारों में आ जाएगी आर्थिक ‘समृद्धि’, भारत में 26.7 करोड़ लोग करते हैं सेवन

भारत में तंबाकू उत्पादों के सेवन (Tobacco consumption in India) और लोगों पर पड़ने वाले इसके प्रभाव को लेकर एक रिपोर्ट जारी हुई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 26.7 करोड़ लोग तंबाकू का सेवन करते हैं। अगर लोग तंबाकू का सेवन छोड़ दें तो करीब 2 करोड़ परिवारों में खुशहाली आ जाएगी।

2 min read
Apr 22, 2026
Tobacco consumption in India
भारत में तंबाकू की खपत (Photo- IANS)

तंबाकू के सेवन की लत न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि परिवारों को गरीबी के दलदल में भी धकेल रही है। अगर लोग तंबाकू का सेवन पूरी तरह छोड़ दें तो इससे बचने वाले पैसों से देश के 2.04 करोड़ परिवार अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकते हैं। यह चौंकाने वाला खुलासा CMR- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च (NICPR) और मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के संयुक्त अध्ययन में हुआ है।

भारत में 26.7 करोड़ लोग कर रहे तंबाकू का सेवन

भारत में तंबाकू उत्पादों के सेवन को लेकर CMR- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च (NICPR) और मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के संयुक्त अध्ययन में बड़ा खुलासा किया है। संस्थानों की यह रिपोर्ट हाल ही में BMJ Global Health जर्नल में प्रकाशित हुई है। शोधकर्ताओं के अनुसार, भारत में लगभग 26.7 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। सबसे गरीब परिवार अपनी मासिक आय का 6.4 प्रतिशत हिस्सा तंबाकू पर खर्च कर देते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 7 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। इससे परिवार का बजट बिगड़ता है, जरूरी खर्च जैसे शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।

रिसर्च के मुताबकि, अगर तंबाकू उत्पादों पर होने वाला खर्च बंद हो जाए और बचत को अन्य जरूरतों में लगाया जाए तो देश के कुल परिवारों में से 10.6 प्रतिशत (करीब 2.04 करोड़) परिवार ऊंची आय श्रेणी में पहुंच सकते हैं। विशेष रूप से गरीब तबके के 56.2 लाख परिवार तंबाकू छोड़कर पूरी तरह अपनी आय श्रेणी से बाहर निकल सकते हैं। यह रिसर्च 2,61,746 परिवारों के आंकड़ों पर आधारित है।

तंबाकू खाने में, फिर इलाज में खर्च

तंबाकू का सेवन न सिर्फ पैसा खत्म करता है, बल्कि गंभीर बीमारियां भी पैदा करता है। भारत में हर साल तंबाकू से जुड़ी बीमारियां- कैंसर, सांस की बीमारियां और हृदय रोग से 13.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है। तंबाकू खरीदने के बाद इन बीमारियों के इलाज पर अतिरिक्त खर्च परिवार को और अधिक आर्थिक संकट में डाल देता है। देश में कैंसर के कुल मामलों में 27 प्रतिशत तंबाकू से जुड़े होते हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा तंबाकू उत्पादक और उपभोक्ता देश है, जहां तंबाकू की लत गरीबी का चक्र बन चुकी है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि तंबाकू छोड़ना केवल स्वास्थ्य संदेश नहीं, बल्कि गरीबी उन्मूलन की एक प्रभावी रणनीति भी है। उन्होंने सुझाव दिया है कि तंबाकू नियंत्रण को सरकारी गरीबी उन्मूलन, पोषण और आजीविका कार्यक्रमों के साथ जोड़ा जाए। इससे लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ-साथ स्वास्थ्य बोझ भी कम होगा।यह अध्ययन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि तंबाकू की लत व्यक्तिगत स्वास्थ्य के साथ-साथ पूरे परिवार और राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में बाधक है। तंबाकू मुक्त भारत न सिर्फ स्वस्थ, बल्कि समृद्ध भी बना सकता है।

Published on:
22 Apr 2026 02:47 am