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E20 पेट्रोल पर केंद्र सरकार को अरविंद केजरीवाल ने घेरा, बोले- ’29 कंपनियों को चिट्ठी लिखी, किसी ने जवाब नहीं दिया’

E20 Petrol Row: ई20 पेट्रोल को लेकर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि 29 वाहन कंपनियों से E20 पर सवाल पूछे लेकिन किसी ने लिखित जवाब नहीं दिया।
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Updated: 29 Jul 2026, 4:03 PM IST
Arvind Kejriwal on E20 Petrol
Arvind Kejriwal (File Photo: IANS)

Arvind Kejriwal on E20 Petrol: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार E20 लागू करने के लिए गुंडागर्दी पर उतर आई है। केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने देश की 29 वाहन निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर पूछा था कि क्या 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियां E20 ईंधन पर सुरक्षित रूप से चल सकती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि यदि E20 से वाहन को नुकसान होता है या माइलेज घटता है तो क्या कंपनियां उसकी भरपाई करेंगी। उनके मुताबिक, किसी भी कंपनी ने लिखित जवाब नहीं दिया।

'29 कंपनियों को लिखा पत्र, किसी ने नहीं दिया लिखित जवाब'

केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने देश की 29 वाहन निर्माण कंपनियों को पत्र लिखकर कई सवाल पूछे थे। उन्होंने जानना चाहा था कि क्या वर्ष 2023 से पहले बने पेट्रोल वाहन E20 ईंधन पर पूरी तरह सुरक्षित तरीके से चल सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने पूछा कि यदि E20 के इस्तेमाल से वाहन को नुकसान होता है या माइलेज कम हो जाती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा और क्या कंपनियां ग्राहकों को मुआवजा देंगी। केजरीवाल का दावा है कि किसी भी कंपनी ने उनके पत्र का लिखित जवाब नहीं दिया।

9 कंपनियों के अधिकारियों से हुई बातचीत

आम आदमी पार्टी प्रमुख ने कहा कि हालांकि उन्हें लिखित जवाब नहीं मिला लेकिन नौ वाहन कंपनियों के अधिकारियों से उनकी विस्तृत बातचीत हुई। उन्होंने दावा किया कि इन अधिकारियों ने निजी बातचीत में स्वीकार किया कि वर्ष 2023 से पहले बने कई वाहनों में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंजन, फ्यूल सिस्टम और अन्य पुर्जों पर असर पड़ सकता है। साथ ही माइलेज कम होने की आशंका भी जताई गई।

सरकार के दबाव में कंपनियां चुप हैं

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि वाहन निर्माता कंपनियां सरकार के दबाव के कारण इस मुद्दे पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि कंपनियां सार्वजनिक रूप से E20 को पूरी तरह सुरक्षित बताती हैं और बाद में वाहनों में कोई तकनीकी समस्या आती है तो उनके खिलाफ कंज्यूमर फोरम में दावे किए जा सकते हैं। इसी वजह से कंपनियां लिखित रूप में जवाब देने से बच रही हैं।

करीब 30 करोड़ वाहन मालिकों पर पड़ेगा असर

केजरीवाल ने दावा किया कि देश में लगभग 30 करोड़ ऐसे वाहन हैं जो वर्ष 2023 से पहले बने हैं। उनका कहना है कि E20 नीति का सबसे अधिक प्रभाव इन्हीं वाहन मालिकों पर पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस नीति पर दोबारा विचार करने की मांग करते हुए कहा कि वाहन मालिकों की आशंकाओं का समाधान किए बिना इसे लागू करना उचित नहीं होगा।

राष्ट्रीय टाउन हॉल करने का भी किया ऐलान

केजरीवाल ने कहा कि E20 पेट्रोल के मुद्दे पर लोगों को जागरूक करने और उनकी राय जानने के लिए आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय टाउन हॉल का आयोजन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस कार्यक्रम को रोकने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सभी दबावों के बावजूद टाउन हॉल अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगा और पार्टी E20 पेट्रोल के मुद्दे को देशभर में उठाती रहेगी।

Updated on:
29 Jul 2026, 4:03 PM IST
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