
Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में तिरंगा लहराने के लिए प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले पुलिस की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने को तानाशाही करार दिया और सवाल उठाया कि क्या तिरंगा लहराना कोई जुर्म है। केजरीवाल ने अपनी दूसरी पोस्ट में लिखा कि हम अपने देश में तिरंगा नहीं लहराएंगे तो क्या पाकिस्तान में लहराएंगे?
दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया था। हालांकि, प्रदर्शन से पहले ही दिल्ली पुलिस ने पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया। उन्हें झंडेवालान स्थित उस आवास से हिरासत में लिया गया, जहां वह ठहरे हुए थे। आंदोलन से जुड़ी एक अन्य प्रमुख चेहरा नेहा बोरा को भी मंडी हाउस से हिरासत में ले लिया गया था।
अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने से जुड़ी खबर शेयर करते हुए अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'ये तो सरासर तानाशाही है। क्या तिरंगा लहराना जुर्म है? अभिजीत की गिरफ्तारी दिखाती है कि मोदी जी इनसे कितने डरते हैं।'
केजरीवाल ने इसके बाद एक और पोस्ट में तिरंगे को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, 'हम अपने देश में तिरंगा नहीं लहराएंगे तो क्या पाकिस्तान में लहराएंगे?' उन्होंने आगे कहा कि जिन्हें भारतीय तिरंगे से परेशानी है, वो पाकिस्तान चले जाएं।
अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने से पहले दिल्ली पुलिस के 20 से अधिक पुलिसकर्मी झंडेवालान स्थित उनके आवास पर पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें एक नोटिस दिया था, जिसमें ऐसे किसी भी कदम से बचने का निर्देश दिया गया था, जिससे नागरिकों, व्यापारियों, यात्रियों, मरीजों और अन्य लोगों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस कार्रवाई के बाद तिरंगा मार्च को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। केजरीवाल ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति और लागू प्रतिबंधों का हवाला दिया गया है।