
Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को श्रीराम मंदिर दान विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और दान राशि में अनियमितताओं के आरोपों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया।
दिल्ली के रोहिणी स्थित जापानी पार्क में सुंदरकांड पाठ के साथ आम आदमी पार्टी ने अपने राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान अरविंद केजरीवाल के साथ उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। केजरीवाल ने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री किसी भी दोषी को नहीं बख्शेंगे, लेकिन पिछले कुछ दिनों की घटनाओं से ऐसा लगता है कि आरोपियों को बचाने की कोशिश हो रही है।
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि श्रीराम मंदिर से जुड़े कथित जमीन घोटाले और निर्माण कार्य में कमीशनखोरी की कोई जांच नहीं की जा रही है। उनका दावा था कि दान राशि की कथित चोरी के मामले में बनाई गई एसआईटी और दर्ज की गई एफआईआर केवल दिखावे की कार्रवाई हैं। उन्होंने कहा कि इससे लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है और उन्हें नहीं लगता कि पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी।
सभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि मंदिर निर्माण और श्रद्धालुओं की ओर से दिए गए चढ़ावे के प्रबंधन में वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में 40 दिनों के भीतर चोरी की 70 घटनाएं सीसीटीवी में दर्ज हुईं और आठ महीने की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग भी कथित तौर पर हटा दी गई। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी हुई।
केजरीवाल ने समर्थकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र पर हस्ताक्षर करने की अपील की। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान राम के मंदिर निर्माण के लिए अपनी श्रद्धा से दान दिया था और अब कथित अनियमितताओं की खबरों से उनकी आस्था को ठेस पहुंची है। पत्र में कथित जमीन घोटाले, निर्माण में कमीशन और दान राशि की चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि अब तक की एसआईटी और एफआईआर जनता को गुमराह करने का प्रयास हैं।