
E20 Fuel: देश में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ई-20 पेट्रोल को लेकर जारी विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों को अपनी पसंद का ईंधन चुनने का विकल्प नहीं देना चाहती और इस मुद्दे पर जनता की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है।
दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का एक इंटरव्यू देखा, जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेट्रोल पंपों पर लोगों को ई-10, सामान्य पेट्रोल और ई-20 में से चुनने का विकल्प नहीं दिया जाएगा। केजरीवाल ने कहा कि जनता की मांग है कि तीनों प्रकार के पेट्रोल उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वह अपनी पसंद का ईंधन खरीद सकें।
आप प्रमुख ने कहा कि लोग यह भी मांग कर रहे हैं कि ई-20 पेट्रोल की कीमत सामान्य पेट्रोल से कम रखी जाए, लेकिन सरकार इस मांग पर भी ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने दावा किया कि कई वाहन मालिक शिकायत कर रहे हैं कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से उनकी गाड़ियों की माइलेज कम हो रही है और इंजन पर भी असर पड़ रहा है, लेकिन सरकार उन्हें सुनने के लिए तैयार नहीं है।
अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने कहा, "ऐसा अहंकार ठीक नहीं है। यह तानाशाही है। जब करोड़ों लोग किसी मुद्दे पर अपनी चिंता जता रहे हैं, तो एक जिम्मेदार सरकार का फर्ज है कि वह उनकी बात सुने। लोगों को विकल्प दीजिए और उनकी समस्याओं का समाधान कीजिए।"
ई-20 पेट्रोल को लेकर देशभर में बहस जारी है। एक ओर केंद्र सरकार इसे आयातित तेल पर निर्भरता कम करने, प्रदूषण घटाने और एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष और कई वाहन मालिक इसके वाहनों पर पड़ने वाले प्रभाव और विकल्प न मिलने के मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं।