
Bankura CJP Volunteer Father Death Ashutosh Ranka Visit: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) सदस्य शेख अब्दुल हाफिज के पिता की मौत के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। CJP के राष्ट्रीय सह-संयोजक आशुतोष रांका सोमवार को करिसुंबा गांव पहुंचे और अब्दुल के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने इस घटना को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही बंगाल सरकार के सामने चार मांगें रखीं।
रांका ने कहा कि अब्दुल किसी राजनीतिक कार्यक्रम के लिए नहीं बल्कि सरकारी स्कूल का सोशल ऑडिट करने और उसे बेहतर बनाने की बात करने गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद अब्दुल के घर पर हमला किया गया और उसे बचाने पहुंचे उसके पिता के साथ भी मारपीट हुई। बाद में अब्दुल के पिता की मौत हो गई।
आशुतोष रांका ने कहा कि यह सिर्फ CJP की जिम्मेदारी नहीं है। देश में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए आवाज उठाने वाले हर व्यक्ति के साथ उनका संगठन खड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब्दुल स्कूल ठीक कराने की बात करने गया था लेकिन उसके साथ मारपीट की गई। रांका ने कहा, ''अब्दुल वोट मांगने तो नहीं गया था। अब्दुल स्कूल ठीक कराने की बात करने गया था।''
उन्होंने दावा किया कि CJP प्रतिनिधिमंडल के अब्दुल से मिलने की जानकारी सामने आने के बाद उसी स्कूल को अचानक ठीक कर दिया गया। ने सवाल उठाया कि अगर स्कूल को दो दिन में सुधारा जा सकता था तो पहले ऐसा क्यों नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल सुधारने के बजाय बीजेपी ने गुंडागर्दी का रास्ता चुना।
रांका ने कहा कि CJP और संगठन से जुड़े युवा हिंसा से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि मारपीट या धमकी से युवाओं को पीछे हटाया जा सकता है तो यह गलत है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं। रांका ने कहा कि अब्दुल और उसके परिवार के साथ अस्पताल और पुलिस थाने में जिस तरह का व्यवहार हुआ, उसकी भी जांच होनी चाहिए।
आशुतोष रांका ने बताया कि परिवार से बातचीत के बाद CJP ने बंगाल सरकार के सामने चार मांगें रखी हैं। इनमें सबसे पहली मांग FIR में दर्ज करीब 10 अज्ञात आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की है।
रांका ने मांग की कि इन आरोपियों को अगले 10 दिनों के भीतर गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ मामले में लागू सभी धाराएं लगाई जाएं।
दूसरी बड़ी मांग पुलिस की भूमिका की स्वतंत्र जांच से जुड़ी है। रांका ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में इंदास पुलिस थाने के कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कोर्ट के आदेश से स्वतंत्र कमेटी बनाकर पुलिस की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने तक CJP इस मामले को उठाता रहेगा।
मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक की पत्नी हसीना बेगम ने रविवार को इंदास पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने पांच लोगों के नाम बताए और आरोप लगाया कि करीब 10 से 15 लोगों ने घर पर हमला किया था।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि हमले में कौन-कौन शामिल था और घटना के पीछे पूरी वजह क्या थी। वहीं, पीड़ित परिवार के घर पर सुरक्षा भी तैनात की गई है।
मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने घटना से पार्टी का कोई संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। सीएम ने यह भी कहा कि पुलिस को यह जांच करनी चाहिए कि घटना का संबंध दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन से था या नहीं। उन्होंने दावा किया कि दर्ज FIR में बीजेपी का नाम नहीं है और पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।