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चुनाव से पहले कांग्रेस का ‘प्रदेश अध्यक्ष बदलो’ फॉर्मूला: पंजाब-UP-गोवा में फिर दांव, पहले कहां चला और कहां हुआ फेल?

Congress: विधानसभा चुनाव से पहले PCC चीफ बदलने की कांग्रेस की रणनीति एक बार फिर चर्चा में है। पंजाब, यूपी और गोवा में नेतृत्व परिवर्तन के बाद सवाल है कि क्या नया प्रदेश अध्यक्ष पार्टी की चुनावी किस्मत बदल पाएगा? हिमाचल और झारखंड में यह दांव कुछ हद तक सफल रहा, जबकि बिहार और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा। अब नजर पंजाब, यूपी और गोवा के चुनावी नतीजों पर है।
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भारत

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Ashib Khan

•

Oct 03, 2026

Congress PCC chief change election strategy

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (बाएं) और राहुल गांधी (Photo-IANS)

Congress PCC Chief Change Election Strategy: कांग्रेस ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसको लेकर पंजाब, यूपी और गोवा में अपना प्रदेश अध्यक्ष बदल दिया है। इन राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होंगे। पंजाब में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह परगट सिंह, यूपी में अजय राय की जगह आराधना मिश्रा मोना और गोवा में अमित पाटकर की जगह गिरीश चोडनकर को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस हाईकमान ने विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश अध्यक्ष बदले है, इससे पहले भी कई राज्यों में यह फार्मूला अपना चुकी है। 

सवाल यही है कि क्या चुनाव से पहले PCC चीफ बदलने का कांग्रेस का फॉर्मूला चुनावी नतीजे बदल पाता है? इसका जवाब पिछले कुछ विधानसभा चुनावों के रिकॉर्ड में तलाशा जा सकता है।

कांग्रेस चुनाव से पहले PCC चीफ क्यों बदलती है?

बता दें कि प्रदेश अध्यक्ष किसी राज्य में पार्टी संगठन का सबसे अहम चेहरा होता है। चुनाव से पहले इस पद पर बदलाव के पीछे आम तौर पर संगठन को फिर से सक्रिय करने, अलग-अलग गुटों के बीच संतुलन बनाने, क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व को साधने और चुनावी अभियान को नया नेतृत्व देने जैसे कारण हो सकते हैं। 

क्या कांग्रेस का यह फार्मूला सही साबित हुआ? 

बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बदलने से कांग्रेस को फायदा हुआ है, तो वहीं कई राज्यों में यह सफल नहीं हो पाया है। हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 से पहले पार्टी हाईकमान ने संगठन में बदलाव किया था और प्रतिभा सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। चुनाव में कांग्रेस ने 68 में से 40 सीटें जीतकर सरकार बनाई।

इसके अलावा झारखंड में अगस्त 2024 में विधानसभा चुनाव से करीब तीन महीने पहले कांग्रेस ने राजेश ठाकुर की जगह केशव महतो कमलेश को प्रदेश अध्यक्ष बनाया। इसके बाद हुए चुनाव में कांग्रेस ने 16 सीटें जीतीं, जो 2019 में भी 16 ही थीं। हालांकि, झामुमो-कांग्रेस गठबंधन ने सरकार बनाई।

राज्यचुनाव से पहले संगठनात्मक बदलावचुनावी नतीजातस्वीर
हिमाचल, 2022PCC नेतृत्व में बदलावकांग्रेस सत्ता में आईसफलता
झारखंड, 2024चुनाव से करीब 3 माह पहले बदलावकांग्रेस 16 सीट, 2019 में भी 16सीटों में बदलाव नहीं
बिहार, 2025चुनाव से करीब 7 माह पहले बदलाव19 से घटकर 6 सीटगिरावट
छत्तीसगढ़, 2023चुनाव से करीब 5 माह पहले बदलावकांग्रेस सत्ता से बाहरअसफल
गुजरात, 2022चुनावी दौर में संगठनात्मक बदलावकांग्रेस 17 सीटबड़ा चुनावी लाभ नहीं
ओडिशा, 2024पहले से संगठन में बदलाव9 से बढ़कर 14 सीटसीमित सुधार
पंजाब, 2022चुनाव से पहले नेतृत्व बदलाव77 से घटकर 18 सीटअसफल
पंजाब, 2027अक्टूबर 2026 में परगट सिंहचुनाव बाकीपरिणाम बाकी
यूपी, 2027अक्टूबर 2026 में आराधना मिश्राचुनाव बाकीपरिणाम बाकी
गोवा, 2027मई 2026 में गिरीश चोडणकरचुनाव बाकीपरिणाम बाकी

बिहार और छत्तीसगढ़ में फॉर्मूला रहा फेल

बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश अध्यक्ष के बदलाने का फार्मूला कांग्रेस का बिहार और छत्तीसगढ़ में फेल रहा। बिहार में मार्च 2025 में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से करीब सात महीने पहले अखिलेश प्रसाद सिंह की जगह राजेश कुमार को प्रदेश अध्यक्ष बनाया। 2025 के चुनाव में कांग्रेस 6 सीटों पर सिमट गई, जबकि 2020 में पार्टी ने 19 सीटें जीती थीं।

इसके अलावा छत्तीसगढ़ में जुलाई 2023 में कांग्रेस ने मोहन मरकाम की जगह दीपक बैज को प्रदेश अध्यक्ष बनाया। कुछ महीने बाद विधानसभा चुनाव हुए। 2018 में 68 सीटों के साथ सत्ता में आई कांग्रेस 2023 में 35 सीटों पर रह गई और भाजपा ने सरकार बना ली।

पंजाब-यूपी और गोवा में क्या होगा? 

पंजाब, यूपी और गोवा में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। इससे पहले कांग्रेस ने अपने संगठन में बदलाव कर प्रदेश अध्यक्ष बदले है। पंजाब में गुटबाजी के चलते अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को हटाया है। उनकी जगह परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। 

इसके अलावा यूपी में अजय राय की जगह आराधना मिश्रा मोना को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। पार्टी ने आराधना पर दांव खेलकर ब्राह्मण और महिला वोट बैंक को अपनी तरफ करने का प्रयास किया है। वहीं इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर मुस्लिम वोट बैंक को सांधने का प्रयास किया है। वहीं गोवा में कांग्रेस ने मई 2026 में गिरीश चोडणकर को प्रदेश अध्यक्ष बनाया और अमित पाटकर को हटाया। 

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