Himanta Biswa Sarma ON Demography change: पश्चिम बंगाल के मालदा में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जनसंख्या संरचना, अवैध घुसपैठ और आगामी जनगणना के बाद संभावित बदलावों पर बयान दिया।
Assam cm Himanta Biswa Sarma on Bengal: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल के मालदा में कहा कि आगामी जनगणना के बाद पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल की जनसंख्या संरचना (डेमोग्राफी) में बदलाव देखने को मिलेगा। उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल में मुस्लिम आबादी बढ़कर लगभग 32% और असम में लगभग 36% हो सकती है। ऐसे में उन्होंने त्रिपुरा, असम, पश्चिम बंगाल और मेघालय के बीच अवैध घुसपैठियों के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चे के गठन के बहाने आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकारों के लिए जनता से समर्थन मांगा। मालदा में मीडिया से बात करते हुए सरमा ने दावा किया कि त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल के बीच संयुक्त कार्यबल के बिना बांग्लादेशी घुसपैठिए बेरोकटोक प्रवेश करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के मुताबिक, हर जनगणना में मुस्लिम आबादी में 4-5% की वृद्धि हुई है। उन्होंने बंगाल की जनता से अपील करते हुए कहा कि देश को बचाना आपके हाथों में है। उन्होंने रणनीतिक रूप से पश्चिम बंगाल के लोगों से एनडीए के नेतृत्व वाले राज्यों की सूची में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा, 'अगर बंगाल, असम, त्रिपुरा और मेघालय एक साथ काम नहीं करते हैं, तो देश बिखर जाएगा, यह बांग्लादेशी मुसलमानों का केंद्र बन जाएगा।'
इस बीच, शुक्रवार को टीएमसी ने भाजपा और असम के मुख्यमंत्री पर बंगाल को बाहरी लोगों से भरने की साजिश रचने और चुनावी SIR प्रक्रिया के माध्यम से समुदायों को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
TMC ने एक ट्वीट में कहा, 'केंद्रीय बलों की सक्रिय मदद से भाजपा और हिमंता बिस्वा सरमा असम से बाहरी लोगों को बंगाल में लाकर मतदाता सूची में हेराफेरी करने और हमारी जनसंख्या संरचना को बदलने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने असम में एनआरसी लागू किया। अब वे राजबंशी समुदाय को नोटिस भेजकर उसी एनआरसी का दुरुपयोग कर रहे हैं। उनकी योजना स्पष्ट है-भय और अलगाव का माहौल बनाना, मतदाता सूचियों में हेराफेरी करना और हेरफेर किए गए मतपत्रों के माध्यम से चुनाव जीतना।'
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। राज्य में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। वहीं, पिछले चुनावों में शानदार प्रदर्शन करने वाली भाजपा राज्य में सरकार बनाने का प्रयास कर रही है। ऐसे में दोनों दलों के बीच एक हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिलने वाला है।