
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी (फोटो- एएनआई)
कांग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की टिप्पणी की आलोचना की है। तिवारी ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री का बयान कठोर और टकराव वाली थी। उन्होंने कहा कि मार्को रुबियो के बयान में कोई पछतावा, कोई अफसोस या कोई सहानुभूति नहीं है।
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि जिस देश को अमेरिका अपना दोस्त बताता है। उसके साथ ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाता। तिवारी ने कहा कि मार्को रुबियो के बयान का मतलब यह था कि जो हुआ, उसके लिए भारतीय नाविक खुद जिम्मेदार थे। यह ऐसी भाषा नहीं है, जिसका इस्तेमाल आप उस देश के साथ करते हैं जिसे आप दोस्त कहते हैं।
मनीष तिवारी ने कहा कि कमजोर या अस्पष्ट रवैया अपनाने के बजाए भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को बातचीत का ब्योरा जारी करना चाहिए। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि रुबियो ने जयशंकर के साथ टेलीफोन पर बातचीत में जोर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में सभी कमर्शियल जहाजों को अमेरिकी आदेशों का पालन करना चाहिए।
प्रवक्ता के कार्यालय ने कहा कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कल भारतीय विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर से बात की। दोनों अधिकारियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में हाल की घटनाओं पर चर्चा की। विदेश मंत्री ने जोर दिया कि सभी कमर्शियल जहाजों को अमेरिकी सेना के आदेशों का तुरंत पालन करना चाहिए, क्योंकि वे जलडमरूमध्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल का अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जयशंकर ने शनिवार को कहा कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात करके खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के हमलों पर भारत की कड़ी आपत्ति जताई है, जिनमें तीन भारतीय नाविक मारे गए थे। उन्होंने कमर्शियल जहाजों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई को अनुचित बताया। जयशंकर ने X पर एक पोस्ट में कहा कि आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात हुई। मैंने खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के उन हमलों पर भारत की कड़ी आपत्ति दोहराई, जिनमें तीन भारतीय नाविक मारे गए थे। कमर्शियल शिपिंग के खिलाफ ऐसी जानलेवा कार्रवाई उचित नहीं है।
Published on:
14 Jun 2026 11:21 am
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