कांग्रेस ने सीएम हिमंता बिस्वा सरमा पर भ्रष्टाचार और पत्नी के पास तीन सक्रिय पासपोर्ट होने का गंभीर आरोप लगाकर घेरा है। राहुल गांधी और पवन खेड़ा ने उन्हें 'सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री' बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
असम की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई बयान दिए हैं, जिनमें भ्रष्टाचार, नफरत की राजनीति और परिवारवाद जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। कांग्रेस के AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनके परिवार को लेकर दस्तावेज पेश करने का दावा किया। उन्होंने कहा कि यह ऐसा मामला है जो स्वतंत्र भारत की राजनीति में पहले कभी सार्वजनिक नहीं हुआ और इसे देखकर वे खुद भी हैरान हैं कि क्या यह संभव भी है।
खेड़ा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पर जमीन, मंदिर फंड, सरकारी सब्सिडी और चिट फंड से जुड़े कई गंभीर आरोप हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो दस्तावेज सामने लाए गए हैं, वे भारत के बाहर से जुड़े हुए हैं। इसी संदर्भ में पवन खेड़ा ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की पत्नी रेनिकी भुइया शर्मा के पास एक नहीं, बल्कि तीन सक्रिय पासपोर्ट हैं, जिन्हें उन्होंने सबूत के रूप में पेश किया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज आपके पास रिकॉर्ड है कि भारत का सबसे भ्रष्ट, सबसे ज्यादा नफरत फैलाने वाला और सबसे ज्यादा बकवास करने वाला मुख्यमंत्री असम का मुख्यमंत्री है। उन्होंने कहा कि वह इसलिए ऐसी बातें करते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि कांग्रेस का बब्बर शेर उन्हें जेल में डालने वाला है।
उन्होंने मुख्यमंत्री की तुलना जंगल में डरे हुए हिरण से करते हुए कहा कि जैसे हिरण हर समय चौकन्ना रहता है और डरता है कि शेर उसे पकड़ लेगा, वैसे ही मुख्यमंत्री भी न तो चैन से सोते हैं और न ही शांत रहते हैं, बल्कि लगातार इधर-उधर देखते और बयान देते रहते हैं। लेकिन कभी न कभी वह हमारे हाथ लगेंगे, और अंत में चेतावनी दी कि जब ऐसा होगा तो उनकी उछल-कूद बंद हो जाएगी, उन्हें असम की जनता और कांग्रेस नेताओं से माफी मांगनी पड़ेगी, हालांकि माफी से कुछ नहीं होगा क्योंकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरूर की जाएगी और हम उन्हें छोड़ेंगे नहीं।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भाजपा और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह चुनाव अहम है और बीजेपी के अंदर का गुस्सा भले मीडिया में न दिखे, लेकिन जिस तरह मुख्यमंत्री मीडिया से बातचीत में अपनी नाराजगी दिखा रहे हैं उससे साफ है कि वे परेशान हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, मुख्यमंत्री चिंतित हैं क्योंकि नफरत की राजनीति खत्म होने वाली है और इतना भ्रष्टाचार हुआ है कि सरकार बदलने पर उन्हें आरोपों का सामना करना पड़ेगा।
प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि बीजेपी के पास गिनाने के लिए कुछ नहीं है और उसकी राजनीति सिर्फ चुनाव के समय सक्रिय होती है, उन्होंने गृह मंत्रालय और सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इतने सालों में क्या किया गया, साथ ही कहा कि असम में विकास के बजाय परिवार का विकास हुआ है और जनता जवाब चाहती है कि संसाधन परिवार और कॉरपोरेट को क्यों दिए गए। अंत में उन्होंने वादों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ये सिर्फ शब्द हैं, जैसे 2 करोड़ नौकरियां और 15 लाख रुपये देने की बातें, जिन्हें जनता समझ चुकी है।