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ईरान के खिलाफ अमेरिका ने अब तक 2300 JASSM-ER मिसाइलें दागीं, क्या है इसकी खासियत? आसमान में उड़ रहे B2 बॉम्बर्स

ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका ने अपनी घातक JASSM-ER मिसाइलों का 80% स्टॉक खत्म कर दिया है। भंडार 2300 से घटकर महज 425 रहने से अमेरिका की सैन्य चिंताएं बढ़ गई हैं।

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भारत

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Ankit Sai

Apr 05, 2026

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अमेरिका-ईरान युद्ध: फोटो में प्रेसिडेंट ट्रंप (सोर्स: एक्स यूजर Syed Hammad स्क्रीनशॉट)

JASSM-ER Missile: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने अपनी सबसे घातक JASSM-ER मिसाइल का बड़ा हिस्सा युद्ध में झोंक दिया है। युद्ध शुरू हुए महज कुछ हफ्तों में ही अमेरिकी सेना ने अपनी कुल स्टॉक में से 1000 से ज्यादा इन मिसाइलों का इस्तेमाल कर लिया है। इससे अमेरिका के वैश्विक हथियार भंडार पर भारी दबाव पड़ गया है। पहले जहां दुनिया भर की सुरक्षा के लिए करीब 2300 JASSM-ER मिसाइलें थीं, अब वहां केवल लगभग 425 मिसाइलें ही बची हैं।

अमेरिका ने तैनात की घातक मिसाइलें

अमेरिका ने जॉइंट एयर टू सरफेस मिसाइल एक्सटेंडेड रेंज JASSM-ER को इस अभियान में मुख्य हथियार बनाया है। यह मिसाइल 600 माइल से ज्यादा दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम है और दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम से बचकर लक्ष्य को भेद सकती है। अमेरिका ने अपनी कुल मिसाइल स्टॉक का बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट में तैनात कर दिया है। पहले जहां करीब 2300 मिसाइलें थीं, अब वहां केवल लगभग 425 बची हैं। इनका उपयोग B-1B और B-52 बॉम्बर्स के जरिए किया जा रहा है।

तेजी से घटता स्टॉक, अमेरिका की चिंता बढ़ी

युद्ध के शुरुआती चार हफ्तों में ही 1000 से ज्यादा JASSM-ER मिसाइलें इस्तेमाल हो चुकी हैं। इतनी तेजी से हथियारों की खपत ने अमेरिका के रक्षा भंडार पर दबाव बढ़ा दिया है। यह स्टॉक मूल रूप से चीन जैसे प्रतिद्वंदियों देशों के लिए रखा गया था। अब इसे दोबारा भरने में कई साल लग सकते हैं। हालांकि, लॉकहीड मार्टिन कंपनी 2026 में करीब 396 मिसाइलें बनाने की योजना पर काम कर रही है, जिसे बढ़ाकर अब 800 से ज्यादा सालाना किया जा सकता है।

ईरान के ऊपर अमेरिकी B-52 बॉम्बर्स की उड़ान

अमेरिका और उसके सहयोगी अब अपनी रणनीति में बदलाव करते नजर आ रहे हैं। हाल ही में B-52 बॉम्बर्स को सीधे ईरान के ऊपर उड़ाया गया। इसके साथ ही सस्ते JDAM बमों का इस्तेमाल भी बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, इस युद्ध में अमेरिका को नुकसान भी हुआ है, जिसमें F-15E फाइटर जेट और A-10 अटैक एयरक्राफ्ट गिराए जाने की खबरें शामिल हैं। ईरान ने भी बड़ी संख्या में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें दागी हैं, जिससे डिफेंस सिस्टम पर भारी दबाव बना हुआ है। अमेरिका और उसके सहयोगी अब अपनी इसके साथ ही सस्ते बमों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है।