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Patrika Ground report: असम चुनाव में गुवाहाटी की तीन सीटों का फैसला मारवाड़ी वोटर्स के हाथ

Patrika Ground report: असम में विधानसभा चुनाव है। गुवाहाटी की तीन विधानसभा सीट दिसपुर, जालुकबारी और गुवाहटी सेंट्रल पर मारवाड़ी वोटर्स बड़ा फैक्टर हैं। वह आखिर किस ओर जाएंगे...
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Which Side Are Marwari Voters On in the Assam Elections?
असम चुनाव में मारवाड़ी वोटर्स किसके साथ (फोटो- IANS)

Assam Elections: असम का दिल है गुवाहाटी और इस दिल के करीब है तीन विधानसभा सीट दिसपुर, जालुकबारी और गोवाहटी सेंट्रल। इस बार के चुनाव में इन तीनों सीटों पर दिलचस्प मुकाबलों पर हर किसी की नजर है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जालुकबारी से चुनाव लड़ रहे हैं और छठी बार जीत के लिए मैदान में हैं। पड़ोस की सीट दिसपुर में कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए प्रद्युत बोरदोलोई अब त्रिकोणीय मुकाबले में लड़ रहे हैं। इन तीनों सीटों के क्षेत्रों में मारवाड़ी, बिहारी, बंगाली, असमिया, हरियाणा व अन्य कई राज्यों से आए हुए लोग रहते हैं। हिन्दी भाषी को यहां प्रतिनिधित्व मिल रहा है। लेकिन सीटों की जीत मारवाड़ी वोटों के रूझान पर टिकी है। जिस तरह मारवाड़ी होंगे, उसकी गाड़ी पार लग जाएगी।

गुवाहाटी सेंट्रल : सबसे रोचक मुकाबला

गुवाहाटी सेंट्रल में मारवाडिय़ों के 35 हजार के करीब वोट है और पचास हजार से अधिक बिहारी। भाजपा ने यहां हिन्दी भाषी विजयकुमार गुप्ता को टिकट दिया है, जो मूलत: बिहारी है। परिसीमन के बाद में यहां मारवाडिय़ों का दबदबा है। मारवाड़ी व्यापारी अशोक धनोका व प्रकाश गोयनका सहित कई लोग मिले। मारवाड़ी और बिहारी यहां पर हिन्दी भाषी के पक्ष पर जोर दे रहे हैं। कांग्रेस गठबंधन से असम गण परिषद की किंकु चौधरी को टिकट मिला है। लंदन से पढक़र लौटी किंकु 26 साल की है और मूलत: असमियां है। वह जेन जेड के मुद्दे पर युवा वोटर्स पर पकड़ करने में जुटी है। कांग्रेस के प्रभारी भंवर जितेन्द्रसिंह की यहां प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।

जालुकबारी : चुनावों से पहले बना लिए जीत के पुल

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी भरोसेमंद सीट है, जहां से वे पांच बार जीत दर्ज कर चुके हैं। उनके सामने कांग्रेस के बिदिश निओग है। जालुकबारी में ब्रह्मपुत्र नदी पर पुल बनाने और कामाख्या के विकास का धरातल मुख्यमंत्री ने बनाया है। कांग्रेस के बिदेख निओग यहां लोगों के बीच रहकर ब्रह्मपुत्र नदी में बाढ़ आने पर प्रबंध नहीं होने का मुद्दा भुना रहे हैं।

दिसपुर में उलटफेर के बाद 'अपनों' की चुनौती

भाजपा ने चुनावों से ठीक पहले कांगे्रस नेता प्रद्युत बोरदोलोई को अपने पाले में ले लिया और टिकट दे दिया। इससे नाराज भाजपा के जयंत कुमार दास ने निर्दलीय ताल ठोक दी। उधर, कांग्रेस की मुखर नेता मीरा बरठाकुर गोस्वामी मैदान में हैं। मुकाबला त्रिकोण में उलझा दिख रहा है। दिसपुर के व्यापारी अजय सिंघल बताते हैं कि उलटफेर से ठेस पहुंची है और कसक भी, पर वोट तो पार्टी के नाम पर पड़ेगे।

Updated on:
04 Apr 2026 07:51 am
Published on:
04 Apr 2026 07:51 am