
असम में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी (FilePhoto)
Assam Elections Patrika Ground Report: बूंदाबांदी बारिश के बाद सुबह घने कोहरे में डूबी है और सुहाने मौसम में मां कामाख्या मंदिर में श्रद्धालु रात से कतार में लगे हैं, ताकि सुबह तक मनवांछित दर्शन पा सके। असम की राजनीति में चुनाव लडऩे वाले लगभग सभी उम्मीदवारों ने यहां आकर माथा टेका है और अपनी जीत मांगी है।
एक चरण में असम की 126 सीटों पर 9 अप्रेल को होने वाले चुनावों की गर्माहट ठंडे मौसम में भी महसूस हो रही है। उम्मीदवार व प्रचारकों के पसीने छूट रहे हैं। एनडीए हैट्रिक की तैयारी में है तो कांग्रेसनीत गठबंधन फिर से सत्ता की पहाड़ी पर चढ़ने के लिए जुटी है। चाय के बागानों में राजनीति की चाय उबाल पर हैं। यहां घुसपैठ, पाकिस्तानी एजेंट, मियां मुस्लिम और अन्य आरोपों से तूफान मचा है।
मां कामख्या का मंदिर जालुकबारी विधानसभा में है, यहां से मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा मैदान में है। हिरक जोपी यहां ट्रेवल्स का व्यापार करते हैं। वे कहते हैं कि रोजगार और विकास के मुद्दे हैं। ब्रह्मपुत्र नदी की ओर जाते हैं तो यहां पुलों की श्रृंखला नजर आती है। भाजपा इसको भुनाते हुए कहती है कि कांग्रेस के राज में तीन पुल ही थे, दस साल में नौ बना दिए हैं। पांच निर्माणाधीन है। कांग्रेस कार्यालय में में महासचिव प्रबंधन प्रद्युतसिंह कहते हैं कि चुनावों को देखकर भाजपा पानी की तरह पैसा बहा रही है। इससे असम पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है।
कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में देशभर के नेताओं का आने जाने की व्यवस्थाएं हो रही है। स्टार प्रचारकों में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने असम में दौरों की कमान संभाल ली है। कांग्रेस यहां अंदरखाने मानती है कि हमारे दिन अच्छे नहीं हैं। 11 कांग्रेसी पूर्व नेता दल बदलकर भाजपा में गए हैं। इससे भाजपा का गणित प्रभावित होगा। कांग्रेस यहां इस भरोसे पर भरोसा पाले हुए हैं कि कुछ ऐसा होगा तो अच्छा होगा। गौरतलब है कि कांग्रेस ने इस बार छह दलों का गठबंधन बनाया है।
भाजपा के प्रदेश कार्यालय अटल बिहारी वाजपेयी भवन में मैनगेट से लेकर भीतर तक सेल्फी प्वाइंट्स लगे हैं। कार्यालय में राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला और प्रभारी कृष्णा व्यवस्थाओं में जुटे हैँ। यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमितशाह, रक्षामंत्री राजनाथसिंह के तूफानी दौरों का जोश भरा हुआ है। लगातार दो बार की जीत से भाजपा दस साल से सत्ता में है। कृष्णा कहती है कि असम का विकास दौड़ रहा है, कांग्रेस आसपास भी नहीं है। असम गण परिषद के प्रचार सचिव अंशुमन्न दुत्ते कहते हैं कि जमीन जिहाद की 1.50 लाख बीघा मुक्त करवाई है। 1971 के बाद में बांग्लादेश से जो भी यहां आया है, उसको पुशबैक करेंगे।
Published on:
03 Apr 2026 06:36 am
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