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Atishi Video: ‘कैसे सामने आएगी वीडियो की सच्चाई’ आतिशी विवाद में पंजाब DGP का जवाब, सारा मामला अब बस…

Punjab DGP Response to Delhi Assembly: आप पार्टी की नेता आतिशी का अपमानजनक टिप्पणी वाला वीडियो विवाद तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। हाल ही में पंजाब पुलिस DGP ने मामले से संबंधित जवाब दिल्ली विधानसभा को भेजा है।
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Jan 29, 2026
Punjab DGP respond Delhi Assembly
दिल्ली विधानसभा सचिवालय को भेजा गया पंजाब DGP का जवाब (Photo-X)

Atishi Video Controversy: दिल्ली की राजनीति में चल रहे आतिशी वीडियो विवाद ने एक मोड़ ले लिया है। इस मामले में पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने दिल्ली विधानसभा सचिवालय को आधिकारिक जवाब भेजा है।

DGP ने अपने जवाब में बताया कि जालंधर पुलिस द्वारा मामले में दर्ज FIR और संबंधित दस्तावेजों को पंजाब सरकार के गृह विभाग के पास भेज दिया गया है।

हालांकि, मामले से संबंधित फोरेंसिक रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि वीडियो मामले की सच्चाई इसी जांच रिपोर्ट पर निर्भर करती है।

DGP ने दिया दिल्ली विधानसभा को जवाब

दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने आतिशी वीडियो विवाद में दर्ज हुई FIR पर लिखित जवाब मांगा था। इसके बाद DGP ने निर्धारित समयसीमा के अंदर अपना जवाब भेज दिया।

जवाब में DGP ने अपने पक्ष के साथ-साथ जालंधर पुलिस कमिश्नर की रिपोर्ट को भी गृह विभाग और मुख्य सचिव को मंजूरी के लिए भेज दिया है।

इसके अतिरिक्त पंजाब DGP ने साफ किया कि मंजूरी मिलते ही पूरा जवाब दिल्ली विधानसभा सचिवालय को भेज दिया जाएगा।

फोरेंसिक रिपोर्ट पर क्यों अटका मामला?

विधानसभा सचिवालय के अनुसार, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट आतिशी वीडियो विवाद में एक अहम सबूत हो सकता है। बता दें कि दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने FIR के साथ-साथ वीडियो से जुड़े सभी फोरेंसिक दस्तावेज भी मांगे थे।

सचिवालय ने दस्तावेजों को पेश करने की समयसीमा 22 जनवरी तक की निर्धारित की थी, लेकिन रिपोर्ट समय पर नहीं आई। इसके बाद सचिवालय ने एक रिमाइंडर भेजा और समयसीमा बढ़ा कर 28 जनवरी तक की कर दी।

विधानसभा सचिवालय ने पूरे मामले पर कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मामले पर कुछ कहा जा सकता है। इसके बाद ही सच्चाई सामने आएगी कि वीडियो सही है या इसके साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ हुई है।

आखिर क्या है आतिशी वीडियो विवाद?

गुरु तेग बहादुर और उनके साथियों की शहादत की वर्षगांठ के मौके पर दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान चर्चा आयोजित की गई थी। इस पर भाजपा ने आरोप लगाया कि आतिशी ने गुरुओं पर चर्चा करते हुए आपत्तिजनक भाषा का उपयोग किया है।

इसके बाद विवाद इतना बढ़ गया था कि भाजपा ने माफी की मांग की और यहां तक कि उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की भी अपील की गई।

मामले के तूल पकड़ने के बाद जालंधर के एक निवासी की ओर से आतिशी के खिलाफ FIR दर्ज करवा दी गई।

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