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राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में शिवसेना-UBT की एंट्री, संजय राउत बोले- एक करोड़ रुपए और चांदी की ईंट कहां गई?

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर में दान सोने-चांदी के आभूषणों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने भी बड़ा सवाल खड़ा किया है।
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Jun 26, 2026
sanjay raut on Ayodhya Ram Temple Donation
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत। (Photo- ANI)

Ram Temple Donation Theft: अयोध्या स्थित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सियासत तेज हो गई है। दान की गई सोने-चांदी के आभूषणों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी क्रम में शिवसेना (UBT) की भी एंट्री हो गई है। सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसको लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने इसको लेकर सोशल मीडिया 'एक्स' पर लिखा, 'हजारों शिवसैनिकों और संतों की मौजूदगी में उद्धव ठाकरे ने खुले मन से 1 करोड़ रुपए और पवित्र चांदी की ईंट दान की थी। फिर भी सालों बाद भी ट्रस्ट से कोई रसीद या अपडेट नहीं मिला है। यह ईंट कहां गई? अब पूरी जांच और जवाबदेही का समय आ गया है।

आठ लोगों पर FIR दर्ज

अयोध्या स्थित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पुलिस ने टिन्नू यादव समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। एसआईटी रिपोर्ट सौंपने के दो दिन बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यह एफआईआर दर्ज कराई है। मामले में छह कैशियर पर आरोप है।

उधर, विश्व हिंदू परिषद ने ट्रस्ट को भंग कर नई व्यवस्था बनाने और पुर्नगठन की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने राममंदिर से जुड़ी हुई याचिकाओं की सुनवाई के लिए 29 जून को लिस्टेड करने के निर्देश दिए हैं।

एक जनहित याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट से पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की गुहार लगाई गई है। याचिकाकर्ता की ओर से तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर याचिकाकर्ता को 29 जून को मामले का विशेष उल्लेख करने का निर्देश दिया है।

संजय सिंह ने भूमि सौदों से जुड़े सबूत एसआईटी को सौंपे

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह एसआईटी के सामने पेश हुए। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर परिसर से जुड़े भूमि सौदों में कथित अनियमितताओं के ठोस दस्तावेज और सबूत जांच एजेंसी को सौंप दिए हैं।

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर हुई जमीन खरीद में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की गई। उनके अनुसार, जिस जमीन की कीमत करीब 4 करोड़ रुपये थी, उसे ट्रस्ट ने 8 करोड़ रुपए में खरीदा, जिससे करोड़ों रुपए की कथित अनियमितता का मामला सामने आता है।

Updated on:
26 Jun 2026 11:58 am
Published on:
26 Jun 2026 11:36 am