26 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

NCERT की नई किताब में इमरजेंसी शामिल, लेकिन और क्या-क्या बदला? इन बदलावों पर छिड़ा राजनीतिक विवाद

NCERT की कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की किताब में पहली बार इमरजेंसी को शामिल किया गया है, जबकि संविधान की प्रस्तावना और धर्मनिरपेक्षता के संदर्भ हटाए गए हैं। जानिए क्या-क्या बदला और क्यों छिड़ा राजनीतिक विवाद।
2 min read
Google source verification
NCERT Class 9 Social Science textbook controversy.

प्रतीकात्मक तस्वीर - IANS

NCERT New Textbook: एनसीईआरटी की कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में इमरजेंसी शामिल किए जाने, जबकि पुरानी किताब में मौजूद संविधान की प्रस्तावना, धर्मनिरपेक्ष और धर्मनिरपेक्षता संदर्भों को हटाने को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति और स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के तहत जारी की गई नई किताब में संविधान की चर्चा, निर्माण, लोकतांत्रिक संस्थाओं और मौलिक अधिकारों के माध्यम से की गई है। हालांकि, इसमें संविधान की प्रस्तावना को शामिल नहीं किया गया है। इतना ही नहीं, ना ही उसमें प्रयुक्त शब्दों की व्याख्या दी गई है।

NCERT की ओर से किए गए इन बदलावों के बीच केंद्र की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इसको लेकर जहां कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को इमरजेंसी के बारे में जानना चाहिए। दूसरी तरफ कांग्रेस ने इन बदलावों के लिए भाजपा की विभाजनकारी राजनीति से प्रेरित बताया और कहा- यह संविधान के मूल्यों पर हमला है।

पुरानी किताब में क्या था?

NCERT की पुरानी किताब में 'डेमोक्रेटिक पॉलिटिक्स-I' में संवैधानिक निर्माण नाम के पूरे अध्याय में संविधान की रचना और मूल सिद्धांत को समझने के लिए समर्पित था। इस चैप्टर में संविधान की प्रस्तावना को संवैधानिक मूल्यों की आधारशिला बताया गया था। यह भी बताया गया था कि यह पूरे भारतीय संविधान के दर्शन को समाहित करती है। इस चैप्टर के जरिए छात्रों को सार्वभौम, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और गणराज्य जैसे शब्दों का अर्थ पढ़ाया जाता था। धर्मनिरपेक्षता की व्याख्या ऐसे शासन तंत्र के रूप में की गई थी, जिसका कोई धर्म नहीं होता। सभी धर्मों के साथ राज्य समान व्यवहार करता है।

नई किताब में क्या बदला?

NCERT की नई पाठ्यपुस्तक में संविधान के बारे में जानकारी संविधान सभा, संविधान निर्माण, लोकतांत्रिक संस्थाओं और मौलिक अधिकारों के माध्यम से की गई है। इसमें बताया गया है कि 1946 में संविधान सभा का गठन स्वतंत्र भारत का संविधान तैयार करने के उद्देश्य से किया गया था। इसमें स्वतंत्रता, समानता, न्याय और बंधुत्व जैसे मूल्यों पर जोर दिया गया है, साथ ही समानता, स्वतंत्रता और धर्म से जुड़े अधिकारों की भी चर्चा की गई है। हालांकि NCERT की नई किताब में संविधान की प्रस्तावना को शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा प्रस्तावना में शामिल प्रमुख शब्दों की भी व्याख्या नहीं की गई है। इसमें धर्मनिरपेक्ष और धर्मनिरपेक्षता शब्दों का कहीं भी उल्लेख नहीं है। यह भी नहीं बताया गया है कि इसे अग्रिम कक्षाओं में पढ़ाया जाएगा या नहीं। एगा या नहीं।

पहली बार कक्षा 9 की पुस्तक में इमरजेंसी

वैसे तो NCERT की कक्षा 12 की राजनीति विज्ञान की पुस्तक में इमरजेंसी पढ़ाया जाता है। इसके वर्ष 2007 में शामिल किया गया था, जो अब भी पाठ्यक्रम का हिस्सा है। हालांकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और एनसीएफ-एसई 2023 के तहत, कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में इसे पहली बार शामिल किया गया है। इसे पहली बार शामिल किया गया है।