
Badrinath Temple Donation Theft: बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को एक और बड़ी सफलता मिली है। टीम ने शुक्रवार को तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी हिमाचल प्रदेश का निवासी है और एक निजी परियोजना कंपनी में कार्यरत है। जांच के दौरान उसकी गतिविधियां सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध पाई गई थीं।
बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान (चढ़ावे) और नकदी की कथित हेराफेरी एवं चोरी के मामले की एसआईटी जांच कर रही है। इस मामले में मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल (बीकेटीसी अध्यक्ष के पूर्व निजी सहायक) और पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, अदालत से आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी खारिज कर चुकी है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी एक निजी परियोजना कंपनी में तैनात है। उसकी जिम्मेदारी कंपनी के अधिकारियों और उनके परिजनों को भगवान बदरीनाथ के दर्शन कराना थी। इसी कारण वह चढ़ावे की गणना के दौरान अक्सर गणना कक्ष में मौजूद रहता था।
दो जुलाई को हुई चढ़ावे की गणना के दौरान की सीसीटीवी फुटेज की जांच में उसकी गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। इसके बाद से पुलिस उसकी निगरानी कर रही थी।
शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस ने आरोपी को लामबगड़ स्थित उसके आवास से हिरासत में लिया और बदरीनाथ थाने ले जाकर उससे गहन पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, आरोपी के घर से मंदिर से चोरी की गई कुछ वस्तुएं भी बरामद हुई हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जांच एजेंसी मंदिर समिति से जुड़े कई अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की इस वारदात में और कौन-कौन शामिल था तथा पूरा नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि चढ़ावा चोरी मामले में एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद उससे विस्तृत पूछताछ की गई। उन्होंने कहा कि जांच टीम लगातार साक्ष्य जुटा रही है और कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।