
Former Temple Officer Rajendra Chauhan Arrested: करोड़ों श्रद्धालुओं की अगाध आस्था के केंद्र भगवान बद्रीनाथ धाम से एक बेहद शर्मनाक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बद्रीनाथ मंदिर में आने वाले चढ़ावे (दान राशि) में बड़ी हेराफेरी और चोरी के आरोप में उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है। मंदिर के पूर्व टेंपल ऑफिसर (मंदिर अधिकारी) राजेंद्र चौहान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी अधिकारी अपनी सेवा से मात्र 17 दिन पहले ही सेवानिवृत्त (रिटायर) हुआ था। रिटायरमेंट का जश्न अभी थमा भी नहीं था कि कानून के हाथों ने उनके गिरेबान तक अपनी पहुंच बना ली।
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अंतर्गत बद्रीनाथ धाम में हर साल देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु दिल खोलकर नकदी, सोने और चांदी के रूप में चढ़ावा चढ़ाते हैं। इस चढ़ावे को गिनने और सरकारी खजाने में सुरक्षित जमा कराने की जिम्मेदारी मंदिर के अधिकारियों की होती है।
आरोप है कि राजेंद्र चौहान ने अपने पद पर रहते हुए इस जिम्मेदारी का कड़ा उल्लंघन किया और दान पेटियों से आने वाली भारी-भरकम राशि में से बड़ी रकम को धीरे-धीरे गायब कर दिया। जब मंदिर के खातों और ऑडिट में विसंगतियां सामने आईं, तो मंदिर प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच उत्तराखंड पुलिस की विशेष टीम (SIT) को सौंपी गई थी।
मामले की जांच के लिए गठित SIT काफी समय से राजेंद्र चौहान की गतिविधियों और बैंक खातों पर नजर रख रही थी। पूछताछ के दौरान चौहान लगातार गोलमोल जवाब दे रहे थे और खुद को बचाने की कोशिश में जुटे थे। लेकिन कड़े सबूतों और दस्तावेजी विसंगतियों के आधार पर एसआईटी ने घेराबंदी मजबूत की और आखिरकार उन्हें दबोच लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस काले कारनामे में क्या चौहान के साथ मंदिर प्रशासन या बाहर के कुछ और लोग भी शामिल थे?
उत्तराखंड के चारधाम (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) में हर साल अरबों रुपये का चढ़ावा आता है।
सुरक्षा और पारदर्शिता: नियम के अनुसार, मंदिर की दान पेटियों को सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी में खोला जाता है। इस दौरान मंदिर समिति के अधिकारियों के अलावा बैंक के प्रतिनिधि और सुरक्षाकर्मी भी मौजूद होते हैं। इसके बावजूद ऐसी चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक निगरानी पर बड़े सवाल खड़े करता है।
पूर्व के विवाद: यह पहला मामला नहीं है जब चारधाम के चढ़ावे या संपत्ति को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में सोने की परत चढ़ाने के मामले में भी काफी विवाद खड़ा हुआ था, जिसकी जांच की मांग उठी थी।
कड़ी कार्रवाई की मांग: इस घटना के बाद स्थानीय पंडा-पुरोहित समाज और आम श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि भगवान के घर में डाका डालने वाले अपराधियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो नजीर बने, ताकि भविष्य में कोई भी आस्था के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
फिलहाल, राजेंद्र चौहान से गहन पूछताछ जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले में कई और बड़े चेहरों से नकाब उतर सकता है।