Kerala में Congress की मजबूत वापसी हुई, लेकिन Assam में मुस्लिम उम्मीदवारों की बड़ी जीत पर विवाद बढ़ गया। विरोधियों ने पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाते हुए इसे नई सियासत बताया।
Badruddin Ajmal statement: असम चुनाव नतीजों के बाद बदरुद्दीन अजमल ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि असम में कांग्रेस लगभग खत्म हो चुकी है, वह अब ‘मुस्लिम लीग’ की तरह काम कर रही है। यह बयान तब आया जब कांग्रेस के 20 में से 18 मुस्लिम उम्मीदवार जीत गए, जबकि गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। अजमल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने AIUDF को कमजोर करने की कोशिश की, लेकिन खुद ही नुकसान उठा लिया। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में बहस तेज हो गई है और कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया। यहां 35 मुस्लिम विधायकों में से 30 UDF के खाते में गए। इनमें कांग्रेस के 8 और IUML के 22 विधायक शामिल हैं। यह नतीजा कांग्रेस के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी पिछले 10 साल से सत्ता से बाहर थी।
लेकिन असम में तस्वीर बिल्कुल अलग रही। यहां कांग्रेस के 20 में से 18 मुस्लिम उम्मीदवार जीत गए, जबकि गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। कांग्रेस ने कुल 101 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन 79 गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों में से सिर्फ 1 ही जीत सका। इस आंकड़े ने विपक्ष को कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका दे दिया।
AIUDF के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कांग्रेस 'असम में खत्म हो चुकी है' वह प्रभावी रूप से मुस्लिम लीग में बदल गई है। अजमल ने कहा, 'जो दूसरों के लिए कुआं खोदते हैं, वे खुद उसमें गिर जाते हैं। कांग्रेस ने AIUDF को हराने के लिए कुआं खोदने की कोशिश की, और अब कांग्रेस खत्म हो चुकी है। कांग्रेस मुस्लिम लीग बन गई है, मुझे इससे बहुत दुख है।' अजमल ने कहा AIUDF को कमजोर करने की कोशिश की, लेकिन अब खुद ही कमजोर हो गई है। इस बयान के बाद सियासी बहस और तेज हो गई है।
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को सिर्फ 2 सीटें मिलीं और दोनों ही मुस्लिम बहुल इलाकों से थीं। तमिलनाडु में पार्टी ने 2 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे, जिनमें से एक को जीत मिली। इससे यह साफ होता है कि अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस की रणनीति और नतीजे अलग-अलग रहे। केरल में IUML की नेता फातिमा थाहिलिया ने जीत दर्ज कर इतिहास बनाया और वह पार्टी की पहली मुस्लिम महिला विधायक बनीं। उनकी जीत को महिला प्रतिनिधित्व और अल्पसंख्यक राजनीति दोनों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। वोट शेयर की बात करें तो असम में BJP को करीब 37.81% वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 29.84% वोट शेयर मिला, वहीं केरल में कांग्रेस और IUML का संयुक्त वोट शेयर करीब 39.80% तक पहुंच गया।
असम में BJP को करीब 37.81% वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 29.84% वोट शेयर मिला। वहीं केरल में कांग्रेस और IUML का संयुक्त वोट शेयर करीब 39.80 % तक पहुंच गया। यह आंकड़े बताते हैं कि कांग्रेस को कुछ खास वर्गों में मजबूत समर्थन मिल रहा है, लेकिन व्यापक स्तर पर उसे चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।