
भारतीय जनता पार्टी का झंडा (Photo - AI)
West Bengal vote counting: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मजबूत बढ़त बना ली है। पार्टी जहां कई सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है, वहीं करीब 190 सीटों पर आगे चल रही है। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस सीमित सीटों पर जीत और कुछ दर्जन सीटों पर बढ़त के साथ पीछे दिखाई दे रही है। 294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत होती है और रुझानों के आधार पर बीजेपी इस आंकड़े को पार करती नजर आ रही है, जिससे राज्य में सत्ता परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं।
हालांकि, इस संभावित ऐतिहासिक जीत के बावजूद बीजेपी एक बड़े रिकॉर्ड से अभी भी दूर रह सकती है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में सबसे बड़े बहुमत का रिकॉर्ड अब भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नाम दर्ज है। वर्ष 1972 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 216 सीटें जीतकर ऐसा प्रदर्शन किया था, जो आज तक कोई भी पार्टी दोहरा नहीं सकी है। उस समय भी विधानसभा में कुल 294 सीटें थीं और कांग्रेस ने लगभग तीन-चौथाई सदन पर कब्जा कर लिया था, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जाती है।
वर्तमान चुनाव में बीजेपी की स्थिति बेहद मजबूत दिखाई दे रही है, लेकिन रुझानों में उसका आंकड़ा करीब 190 सीटों के आसपास ही सिमटा हुआ है। ऐसे में 216 सीटों के रिकॉर्ड को पार करने के लिए जिस स्तर की लहर की जरूरत होती है, वह फिलहाल नजर नहीं आ रही। इसके पीछे एक बड़ी वजह यह भी है कि अब बंगाल की राजनीति पहले की तरह एकतरफा नहीं रही है। राज्य में तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, वाम दल और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जैसे कई प्रमुख दल सक्रिय हैं, जिससे वोटों का बंटवारा स्वाभाविक रूप से बढ़ गया है।
इसी बदले हुए राजनीतिक समीकरण के कारण अब किसी एक पार्टी के लिए 200 से अधिक सीटें जीतना पहले की तुलना में कहीं ज्यादा कठिन हो गया है। इसलिए, भले ही बीजेपी इस चुनाव में बड़ी जीत हासिल कर ले, लेकिन कांग्रेस का 1972 वाला 216 सीटों का रिकॉर्ड फिलहाल अटूट ही नजर आता है।
Published on:
04 May 2026 04:42 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
