
RJD MLA Bhai Virendra: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भारी मतों से जीत दर्ज की। 30 साल से काबिज भाजपा के किला को भेद दिया, लेकिन चिंता की घंटी बिहार के मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल के दफ्तर में भी बजी है। बांकीपुर उपचुनाव में राजद प्रत्याशी रेखा कुमारी को 14241 वोट मिला। वह अपनी जमानत भी नहीं बचा सकी। पार्टी प्रत्याशी को मिली करारी हार पर पटना के मनेर से विधायक भाई वीरेंद्र ने तेजस्वी से बड़ी डिमांड कर दी है।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद RJD के सीनियर विधायक भाई वीरेंद्र ने पार्टी के अंदर बड़े आत्म-मंथन की मांग की है। भाई वीरेंद्र ने कहा कि पार्टी को अपना संगठन फिर से खड़ा करने और जमीनी स्तर पर वोटरों से दोबारा जुड़ने की जरूरत है। पार्टी की मौजूदा स्थिति पर बात करते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि RJD नेता तेजस्वी यादव के करीबी लोगों में से कुछ को हटा दिया जाना चाहिए, क्योंकि ये नेता जनता के बीच अलोकप्रिय हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के आस-पास कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्हें हटाए जाने की जरूरत है। जनता उनसे नाराज है और उनके खिलाफ अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल करती है। हमें पार्टी को नए सिरे से खड़ा करने और लोगों के बीच जाने की जरूरत है। हम मानते हैं कि हमसे बड़ी गलती हुई है।
भाई वीरेंद्र ने कहा कि ये नतीजे BJP और NDA के प्रति जनता की नाराजगी को दिखाती है। उन्होंने कहा कि RJD को पारंपरिक रूप से समर्थन देने वाले कुछ वोटरों ने शायद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को वोट दिया हो, क्योंकि उन्हें लगा कि वे इस सीट पर BJP को हराने में सक्षम सबसे मजबूत उम्मीदवार हैं। इसलिए वोटिंग पैटर्न को सिर्फ RJD को नकारने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पार्टी को इस बात की जांच करनी चाहिए कि उसके पारंपरिक समर्थकों को दूसरे उम्मीदवार को वोट देने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ा। RJD विधायक ने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और राजनीतिक रणनीति की व्यापक समीक्षा की मांग की।
उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान ने कुछ लोगों पर भरोसा किया था, लेकिन उनमें से कुछ लोग उस भरोसे पर खरे नहीं उतरे। इसलिए उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का फिर से मूल्यांकन किया जाना चाहिए। भाई वीरेंद्र ने कहा कि सक्षम, समर्पित और मेहनती नेताओं को संगठन की मुख्यधारा में लाया जाना चाहिए और उन्हें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के ज्यादा करीब लाना चाहिए।
भाई वीरेंद्र ने JD(U) के कुछ नेताओं की इस बात को भी खारिज कर दिया कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव के दौरान सक्रिय रूप से प्रचार किया होता तो BJP बांकीपुर में हार से बच सकती थी। उन्होंने कहा कि बिहार में BJP की राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने में खुद नीतीश कुमार ने अहम भूमिका निभाई थी। भाई वीरेंद्र के अनुसार, नीतीश कुमार के साथ राजनीतिक साझेदारी ने राज्य में बीजेपी के विस्तार में मदद की।