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Baruipur Murder Case: ‘न शव देखूंगी, न लेने जाऊंगी’, एनकाउंटर में मारे गए प्रभाष मंडल की मां का बड़ा बयान

Baruipur Murder Case: बारूईपुर मर्डर केस में मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई थी। एनकाउंटर के बाद प्रभाष की मां ने उसके शव को लेने जाने से ही मना कर दिया है।
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Jul 08, 2026
Baruipur Murder Case
बारुईपुर मर्डर केस के मुख्य आरोपी के एनकाउंटर पर मां की प्रतिक्रिया (Photo-ANI)

Prabhash Mondal Encounter: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के बारूईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ हैवानियत और मर्डर केस के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस का कहना है कि जांच के तहत आरोपी को क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन के लिए घटनास्थल पर ले जाया गया था। इसी दौरान उसने एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और उसके बाद पुलिस पर गोली चलाकर वहां से भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें प्रभाष गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एनकाउंटर के बाद प्रभाष की मां की प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने अपने बेटे का शव देखने से मना कर दिया है।

मां का दर्द और गुस्सा दिखा एक साथ

एएनआई से बात करते हुए प्रभाष मंडल की मां ने कहा कि उसने जो अपराध किया, उसे उसकी सजा मिल गई। उसके बाद उन्होंने कहा कि वह अपने बेटे के शव को देखना नहीं चाहेंगी और न ही शव को लेने जाएंगी। उन्होंने बताया कि वह पुलिस को कह चुकी हैं कि उन्हें प्रभाष का शव नहीं चाहिए। आगे उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि एक मां के तौर पर उन्हें दुख है लेकिन उन्हें इस बात की शांति है कि उसे किए हुए अपराध की सजा मिल गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रभाष नशेड़ी था और उसने उनकी बात नहीं मानी।

पूरे बारूईपुर में अब भी तनाव का माहौल

कोलकाता से करीब 30 किलोमीटर दूर बारूईपुर में रविवार को एक तालाब से 11 साल की बच्ची का शव मिलने के बाद से लगातार तनाव बना हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ हैवानियत की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या, सामूहिक हैवानियत और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। इस पूरे मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है। अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस लगातार मामले की मामले की जांच में जुटी है।
आपको बता दें इस मामले में सबसे पहले प्रभाष मंडल, आनंद सरदार और दिवाकर सरदार को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद चौथे आरोपी कबीर मोल्ला को मंगलवार रात उत्तर 24 परगना के बसीरहाट से पकड़ लिया गया।

पुलिस का क्या है कहना?

शुरुआती जांच के बाद पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने पहले बच्ची का अपहरण किया। इसके बाद उसे तालाब के पास ले जाकर शराब या गांजे का सेवन किया और उसके साथ हैवानियत की गई। उसके बाद वारदात को छिपाने के लिए आरोपियों ने बच्ची को बोरी में बंद कर तालाब में फेंक दिया। पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों को बच्ची के फेफड़ों में पानी मिला, जिससे यह संकेत मिला कि जब उसे तालाब में फेंका गया, तब वह जिंदा थी और डूबने से उसकी मौत हुई।

पीड़िता की मां ने पुलिस की देरी पर उठाए सवाल

इस मामले में पीड़िता की मां का कहना है कि उन्होंने शनिवार रात करीब 9 बजे बेटी की गुमशुदगी की शिकायत थाने में दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि अगर पुलिस उसी समय तुरंत तलाश शुरू करती और सीसीटीवी फुटेज देखती, तो शायद उनकी बेटी की जान बच सकती थी। मुख्यमंत्री ने इस आरोप को गंभीरता से लेते हुए राज्य के पुलिस प्रमुख से 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि अगर शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई में जरा भी लापरवाही साबित हुई, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने बारूईपुर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और न्याय का भरोसा दिलाया।

Updated on:
08 Jul 2026 12:24 pm
Published on:
08 Jul 2026 12:24 pm