
कर्नाटक सरकार ने महाराष्ट्र के तीन मंत्रियों और एक सांसद के बेलगावी जिले में प्रवेश पर रोक लगा दी है। बेलगावी जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 31 अक्टूबर से दो नवंबर तक महाराष्ट्र के मंत्रियों और सांसद के प्रवेश पर रोक लगाया गया है। महाराष्ट्र के नेताओं के दौरे के दौरान भड़काऊ भाषणों की संभावना के कारण सिद्दारमैया सरकार को कन्नड़ और मराठी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की आशंका है। इसको लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाबल भी तैनात किए एग है।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी जारी
कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने आदेशों का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। कर्नाटक स्थापना दिवस समारोह पर महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमईएस) की ओर से आयोजित काला दिवस में महाराष्ट्र के नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
'कर्नाटक स्थापना दिवस' पर एमईएस मनाता है 'काला दिवस'
कर्नाटक में प्रत्येक वर्ष एक नवंबर को ‘कर्नाटक गठन दिवस’ मनाया जाता है, जबकि एमईएस इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाता है। जब महाराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्रों में मराठी भाषी क्षेत्रों और गांवों को कर्नाटक में विलय कर दिया गया था उसके बाद से इन ‘दिवसों’ का आयाेजन किया जाता है।
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महाराष्ट्र के इन मंत्रियों पर लगाई रोक
महाराष्ट्र के मंत्री शंभुराजे देसाई, चंद्रकांत पाटिल, दीपक केसरकर और सांसद धैर्यशील माने के कथित तौर पर एमईएस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। डॉ. परमेश्वर ने यहां संवाददाताओं से कहा कि कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस को बेलगावी और बीदर जिलों के सीमावर्ती इलाकों में तैनात किया गया है।
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