बंगाल-असम में BJP की जीत के बाद Arvind Kejriwal ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में बदलाव से चुनाव प्रभावित हो रहे हैं और देश में लोकतंत्र खतरे में है।
Bengal-Assam Elections: बंगाल और असम चुनाव में BJP की बड़ी जीत के बाद अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र खतरे में है और चुनाव सिर्फ वोटिंग से नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट से भी प्रभावित किए जा रहे हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि उनके दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में भी हजारों वोट कम कर दिए गए। वहीं BJP इस जीत को जनता का समर्थन बता रही है। बंगाल में BJP ने 206 सीटें जीतीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी के पंजाब विधायकों को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने BJP पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने BJP पर निशाना साधते 'लोकतंत्र का अपहरण और हत्या' करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से पश्चिम बंगाल में जो कुछ हुआ, वैसा ही बिहार और महाराष्ट्र में भी देखने को मिला। केजरीवाल ने दावा किया की चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए वोटर लिस्ट में बदलाव किया जा रहा है।
केजरीवाल ने अपने दिल्ली चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में वोटरों की संख्या अचानक घट गई थी। उन्होंने कहा 'मेरी अपनी विधानसभा (नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र) में, मेरे जेल जाने से पहले 1,48,000 वोट थे। जब मैं लौटा, तो केवल 1,06,000 वोट बचे थे। 6 महीने के भीतर 42,000 वोट काट दिए गए। पिछली बार मैं 30,000 वोटों से जीता था। 42,000 वोट रद्द कर दिए गए। मैं 3,000 वोटों से हार गया। आप कैसे जीत सकते हैं? जब आप सारे वोट रद्द कर देंगे, तो कुछ भी नहीं बचेगा। आज लोकतंत्र संकट में है।' केजरीवाल ने कहा कि जब वोट ही हटा दिए जाएंगे, तो चुनाव जीतना मुश्किल हो जाता है।
पश्चिम बंगाल में BJP ने इस बार बड़ा उलटफेर करते हुए 206 सीटें जीत लीं। पिछली बार 77 सीटों पर सिमटी पार्टी ने इस बार जबरदस्त बढ़त हासिल की। वहीं तृणमूल कांग्रेस, जो पहले 212 सीटों के साथ सत्ता में थी, इस बार सिर्फ 80 सीटों तक सिमट गई। यह बदलाव राज्य की राजनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है।
असम में भी BJP और उसके सहयोगियों ने शानदार प्रदर्शन किया। BJP ने अपने दम पर 2/3 बहुमत पार कर लिया। इसके साथ ही सहयोगी दलों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं कांग्रेस को सिर्फ 15 सीटों पर ही जीत मिली। जोरहाट सीट पर कांग्रेस के बड़े नेता गौरव गोगोई को भी हार का सामना करना पड़ा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद वोटर लिस्ट अब राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। विपक्ष इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बता रहा है, जबकि BJP इसे साफ-सुथरी चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है। पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में वोटर नाम हटने का मामला पहले ही विवाद में रहा है, और अब इसी को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं। केजरीवाल के बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। एक तरफ BJP अपनी जीत को जनता का समर्थन बता रही है, वहीं विपक्ष इसे चुनावी प्रक्रिया पर सवाल के रूप में पेश कर रहा है।