पश्चिम बंगाल में BJP ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर TMC का किला ढहा दिया। 2014 में अमित शाह के वादे से शुरू हुई राजनीतिक यात्रा 2026 में 206 सीटों के साथ पूरी हुई। दशकों की कमजोर मौजूदगी से उभरकर BJP ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव कर दिया।
Bengal Election Result 2026: 15 साल सत्ता में रहने के बाद ममता बनर्जी को अब अपनी कुर्सी छोड़नी होगी। भाजपा ने टीएमसी के 15 साल के शाशन को खत्म कर दिया है और पहली बार बंगाल में सत्ता में आने जा रही है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार जो हुआ, उसने कई पुराने समीकरण बदल दिए। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में तृणमूल कांग्रेस के मजबूत किले को भेद दिया है। भाजपा 200 के पार पहुंच गई और टीएमसी 81 पर आकर रह गई। यह जीत भाजपा के लिए अचानक नहीं आई है, बल्कि इसके पीछे सालों की मेहनत और लंबा इंतजार छिपा है। एक समय ऐसा भी था जब बंगाल में BJP का कोई नाम लेना भी मुश्किल था। पार्टी की मौजूदगी बेहद सीमित थी। जिस कारण से चुनाव में भी भाजपा कुछ खास असर नहीं दिखा पा रही थी। लेकिन 2014 के बाद पीएम मोदी के सरकार आने के बाद हालात में बदलाव हुए। इससे जुड़ा एक वाक्या भी सामने आ रहा है।
दिसंबर 2014 में कोलकाता के धर्मतला में एक रैली हुई थी। उस मंच पर अमित शाह ने एक ऐसा बयान दिया, जो आज फिर चर्चा में है। ममता बनर्जी ने कभी पूछा था कि ये अमित शाह कौन हैं? शाह ने एक रैली में मंच से जवाब दिया था कि मैं BJP का एक छोटा-सा कार्यकर्ता हूं, और बंगाल से TMC को उखाड़ने आया हूं। उस वक्त यह बात कई लोगों को सिर्फ एक राजनीतिक बयान लगी थी। लेकिन अब, 12 साल बाद, वही बयान हकीकत बनता नजर आ रहा है।
2026 के विधानसभा चुनाव में BJP ने 293 में से 206 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। वहीं TMC 81 सीटों पर सिमट गई। यह नतीजा सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि एक लंबी राजनीतिक यात्रा का पड़ाव है। अगर पीछे मुड़कर देखें तो तस्वीर और साफ हो जाती है। 2016 में BJP सिर्फ 3 सीटों तक सीमित थी। 2021 में यह आंकड़ा बढ़कर 77 तक पहुंचा। और अब 2026 में पार्टी ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। यानी हर चुनाव के साथ उसका ग्राफ लगातार ऊपर गया।
इससे पहले के आंकड़े और भी दिलचस्प हैं। 80 और 90 के दशक में BJP का वोट शेयर बेहद कम था। कभी 1 प्रतिशत से भी नीचे, तो कभी थोड़ा ऊपर। कई चुनाव ऐसे रहे, जब पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। 2006 और 2011 तक भी उसकी स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी।असल बदलाव 2016 के बाद दिखना शुरू हुआ, जब वोट प्रतिशत सीटों में बदलने लगा। यही वह मोड़ था, जिसने बंगाल में BJP के लिए रास्ता खोला।
बीजेपी की जीत में सबसे बड़ा फैक्टर उनका जमीनी स्तर पर काम करना रहा। साथ ही ममता बनर्जी की 15 साल सत्ता में रहने के बाद जनता का टीएमसी से मोह भंग होना भी एक मुख्य कारण रहा। बीजेपी लगातार घर-घर जाकर बीजेपी के लिए काम करती रही। संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को तैयार करना और लगातार चुनावी रणनीति पर काम करना, इन सबने मिलकर यह नतीजा दिया।