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‘CJP’ के आंदोलन को लेकर बोले जयराम रमेश – यह युवाओं की नाराजगी का संदेश, लेकिन लोकतंत्र केवल आंदोलनों से नहीं चलता

Congress Reaction on CJP Movement: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह आंदोलन युवाओं की नाराजगी और निराशा को सामने लाने का माध्यम है।
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भारत

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Ashib Khan

Jun 24, 2026

Jairam Ramesh Statement

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश (Photo-IANS)

CJP Protest: पेपर लीक और परीक्षाओं में अनियमितता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी प्रदर्शन पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश की प्रतिक्रया सामने आई है। उन्होंने न्यूज एजेंसी PTI से बात करते हुए कहा कि CJP का स्वाभाविक आंदोलन है। इसे लेकर अलग-अलग राय हैं। कुछ लोग इसे 'डीप स्टेट' द्वारा प्रायोजित बताते हैं, तो कुछ इसे युवाओं की हताशा और नाराजगी का प्रतिबिंब मानते हैं।

आंदोलन ने मीडिया में बनाई जगह

वहीं उन्होंने आगे कहा कि इस आंदोलन ने मीडिया और सोशल मीडिया पर काफी जगह बनाई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि आंदोलन ने खूब सुर्खियां भी बटोरी हैं, लेकिन यह कोई राजनीतिक दल नहीं है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में अंततः राजनीतिक दल और उनकी संगठनात्मक संरचना ही सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है।

राजनीतिक दलों को निभानी चाहिए जिम्मेदारी

कांग्रेस नेता रमेश ने दावा किया कि यह आंदोलन युवाओं की निराशा और असंतोष का संदेश देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। साथ ही कहा कि इस संदेश को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी राजनीतिक दलों को निभानी होगी। उन्होंने कहा कि आंदोलनों की लोकतंत्र में अपनी भूमिका है, लेकिन लोकतंत्र केवल आंदोलनों के भरोसे नहीं चल सकता, बल्कि उसकी असली नींव राजनीतिक दल ही होते हैं।

सोनिया गांधी के साथ काम करने को लेकर क्या बोले रमेश

इस दौरान उन्होंने सोनिया गांधी के साथ काम करने को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि 2004 में कांग्रेस जीतेगी। अटल बिहारी वाजपेयी एक मजबूत, प्रभावशाली और करिश्माई राजनीतिक व्यक्तित्व थे, और किसी को नहीं लगता था कि कांग्रेस जीत पाएगी। लेकिन हमने एक चमत्कार कर दिखाया। हम 145 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरे और फिर यूपीए का गठन हुआ। इसके बाद अगले 10 वर्षों तक डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री रहे।

सोनिया ने पार्टी को रखा एकजुट

उन्होंने आगे कहा कि सोनिया गांधी ने पार्टी को वास्तव में एकजुट रखा है। उन्होंने पार्टी को दिशा प्रदान भी की है। एक समय ऐसा था जब कांग्रेस के 15 मुख्यमंत्री थे और इन मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन आयोजित किए गए थे। पहला सम्मेलन गुवाहाटी में हुआ, फिर श्रीनगर में और उसके बाद दिल्ली में।

जयराम रमेश ने कहा कि इन्हीं सम्मेलनों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) और वन अधिकार अधिनियम जैसे विचारों की नींव पड़ी।

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