
शेख हसीना (फोटो - एएनआई)
India-Bangladesh relations: नई दिल्ली और ढाका के बीच रिश्ते तेजी से बदल रहे हैं। कूटनीतिक गलियारे में पर्दे के पीछे बड़ी हलचल शुरू होती दिख रही है। कहा जा रहा है कि भारत शेख हसीना की बांग्लादेश वापसी का रास्ता तलाशने की कोशिश कर रहा है। कुछ दिनों पहले ही भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के प्रमुख पराग जैन के नेतृत्व में चार सदस्यों की एक टीम ढाका पहुंची थीं। वहां उन्होंने प्रधानमंत्री तारिक रहमान के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल (रिटायर्ड) डॉ. एकेएम शमसुल इस्लाम से मुलाकात की। यह मुलाकात बांग्लादेश की सैन्य खुफिया एजेंसी डीजीएफआई के बुलावे पर हुई थी। और अब ढाका में PM तारिक रहमान से मुलाकात करने के बाद भारतीय उच्चायुक्त नई दिल्ली पहुंचे और पीएम मोदी से मिले।
बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इससे एक दिन पहले उन्होंने ढाका में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से शिष्टाचार भेंट की थी। मुलाकात के बाद ढाका स्थित भारतीय दूतावास ने ने एक्स पर लिखा कि उच्चायुक्त त्रिवेदी ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान रचनात्मक तरीके से भारत और बांग्लादेश के बीच बहुआयामी और स्थायी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में निर्देश मांगा। दिनेश त्रिवेदी ने पीएम मोदी से मिलने से ठीक एक दिन पहले यानी सोमवार को बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने तारिक रहमान को पीएम मोदी की ओर से शुभकामनाएं दी और साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई।
विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव के दौर के बाद एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सौहार्दपूर्ण बातचीत दोनों पक्षों की हालिया मतभेदों को दरकिनार करने और व्यापक भारत-बांग्लादेश संबंधों पर अधिक जोर देने की इच्छा को दर्शाती है।
बांग्लादेश की अखबार डेली सन ने लिखा कि बांग्लादेश-भारत संबंधों में हालिया तनाव दोनों सरकारों के लिए चिंता का विषय होना चाहिए, लेकिन इसे खुद पैदा किया गया संकट नहीं बनने देना चाहिए। भूगोल, इतिहास, व्यापार, नदियां, सुरक्षा और लोगों के बीच गहरे संबंध इन दोनों पड़ोसियों को इस तरह से जोड़ते हैं जिसे कोई भी नजरअंदाज नहीं कर सकता। राजनीतिक असहमति अपरिहार्य है। उन्हें बड़े संबंधों पर हावी होने देना एक विकल्प है।
दरअसल, पूर्व पीएम व आवामी लीग प्रमुख शेख हसीना ने खुद ढाका लौटने का ऐलान कर दिया है। बीते 5 अगस्त को वर्चुअली संबोधित करते हुए उन्हें यह बात दोहराई भी थी। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नई दिल्ली में दिए गए हालिया संबोधन ने ढाका में तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया कि हसीना की हालिया वर्चुअल मीडिया बातचीत में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी और वह इस कार्यक्रम में की गई किसी भी टिप्पणी का समर्थन नहीं करता है। वहीं, कूटनीतिक गलियारों से यह बात भी सामने निकलकर आई है कि हसीना के बयान के बाद त्रिवेदी ने ढाका में सुलह-सफाई वाला रवैया अपनाया है। इसके साथ ही, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भारत की तरफ से ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया गया है।
Updated on:
12 Aug 2026 08:11 am
Published on:
12 Aug 2026 08:11 am
