
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में संबोधित करते भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी.हरीश। (फोटो: X/ @ AmbHarishP)
UNSC India Pakistan Conflict on Kashmir : भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने पर पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए आपत्ति जताई है और इस्लामाबाद पर सह-अध्यक्ष के रूप में अपनी स्थिति का दुरुपयोग करके मंच का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने सुरक्षा परिषद की एक अनौपचारिक बैठक में पाकिस्तान की आलोचना की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद मंच के सह-अध्यक्ष के रूप में उसकी भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, 'जम्मू और कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है।'
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र 80 ढांचे के तहत किए जा रहे प्रयासों के तहत सुरक्षा परिषद के जनादेश की समीक्षा करने का भी आह्वान किया, जो वैश्विक संगठन के 80वें वर्ष में उसके कामकाज की जांच कर रहा है। हरीश ने कहा, 'जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश भारत का पूर्णतः आंतरिक मामला है। यह हमेशा से ऐसा ही रहा है, है और रहेगा।' उन्होंने कहा, 'यह अविश्वसनीय है कि एक सह-अध्यक्ष, जिनसे निष्पक्ष और तटस्थ आचरण की अपेक्षा की जाती है, ने इस मंच का राजनीतिकरण करने का विकल्प चुना है।'
उल्लेखनीय है कि 'कार्यान्वयन में अंतर को पाटना: सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव और अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा का रखरखाव' विषय पर बैठक चीन और पाकिस्तान की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित की गई थी, जिसमें दोनों देशों के राजदूतों ने सह-अध्यक्षता की। चर्चा के दौरान, पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने कश्मीर का मुद्दा उठाया और भारत की आलोचना की। इससे पहले भारत सीमा पार से घुसपैठ और आतंकवाद का मुददा भी उठा चुका है।
हरीश ने फिलिस्तीन मुद्दे का हवाला देते हुए कहा कि दशकों से मध्यस्थता ढांचों में बार-बार बदलाव के बावजूद समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने कहा, 'पुराने मध्यस्थता ढांचों की समीक्षा करने की सख्त जरूरत है। अध्याय VI मध्यस्थता हस्तक्षेप की शाश्वत प्रयोज्यता की कोई भी धारणा कम से कम गलत है।'
यह चर्चा संयुक्त राष्ट्र अरिया फॉर्मूला बैठक के बारे में अर्रिया फॉर्मूला के तहत आयोजित की गई थी, जो सुरक्षा परिषद की अनौपचारिक बैठक का प्रारूप है जिसमें इच्छुक राष्ट्र, अधिकारी, संगठन और व्यक्ति शामिल होते हैं। इस प्रारूप को वेनेजुएला के राजनयिक डिएगो आरिया ने परिषद की औपचारिक प्रक्रियाओं से परे चर्चाओं की अनुमति देने के लिए पेश किया था।
Published on:
24 Jun 2026 11:57 am
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