Bengal Elections: पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान बीरभूम में बीजेपी एजेंट पर हमला और कार तोड़फोड़ की घटना सामने आई। चुनाव आयोग ने संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू की है, जबकि राज्य में राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।
Bengal Elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान कई क्षेत्रों में तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। राज्य में मतदान की शुरुआत के साथ ही चुनावी हिंसा और बूथ कब्जाने के आरोपों की खबरें सामने आने लगी हैं। इसी कड़ी में बीरभूम जिले के लाभपुर क्षेत्र में बीजेपी उम्मीदवार के चुनाव एजेंट पर कथित हमले की घटना सामने आई है। बीजेपी एजेंट बिश्वजीत मंडल ने दावा किया कि मतदान के दौरान उन्हें घेरकर हमला किया गया और उनकी कार को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस घटना ने राज्य में चल रहे चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।
मंडल ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि मैं एक चुनाव एजेंट हूं। कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि बूथ पर कब्जा किया जा रहा है। जब मैं वहां से वापस लौट रहा था, तो रास्ते में मुझ पर हमला किया गया। बूथ लगभग 100 मीटर दूर था। उन्होंने मुझे चारों तरफ से घेर लिया। मेरे जेब में कांच के टुकड़े थे। उन्होंने पूरी कार को तोड़ दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता बूथ नंबर 68, भोमर गांव में कब्जा कर रहे थे। मंडल ने कहा, हमें सूचना मिली थी कि वहां बूथ कब्जा हो रहा है। हमारी कार पर हमला किया गया और पत्थर फेंके गए। मेरे सिर पर चोट आई और मैं खून से लथपथ हो गया।
इस मामले पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है और स्थिति की निगरानी शुरू कर दी है। राज्य में पहले से ही भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद छिटपुट हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी बीच दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुमारगंज क्षेत्र में भी एक अलग घटना में बीजेपी उम्मीदवार सुभेंदु सरकार पर हमला होने की खबर सामने आई है। इस मामले में चुनाव आयोग ने वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर तुरंत गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि आयोग किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर सख्त रुख अपना रहा है।
इन घटनाओं ने राज्य में चुनावी माहौल को और अधिक गरमा दिया है। विभिन्न राजनीतिक दल एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं मतदाताओं के बीच डर का माहौल पैदा कर सकती हैं, जिससे मतदान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। मुर्शिदाबाद के नवादा क्षेत्र में भी एक अन्य घटना में आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबरे सामने आई है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है।