8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बंगाल में चुनाव के बीच घमासान, TMC के खिलाफ धरने पर बैठे हुमायूं कबीर, एक्शन की उठाई मांग

पश्चिम बंगाल के पहले चरण के मतदान के दौरान कई इलाकों से हिंसा और झड़प की खबरें सामने आई हैं। मुर्शिदाबाद में हुमायूं कबीर के काफिले पर हमला हुआ, जिसके बाद उन्होंने विरोध में धरना शुरू कर दिया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Himadri Joshi

•

Updated: 23 Apr 2026, 2:01 PM IST

Humayun Kabir

हुमायूं कबीर

पश्चिम बंगाल में चुनावों की शुरुआत हो चुकी है और पहले फेज की वोटिंग में 152 सीटों पर वोट डाले जा रहे है। सुबह 11 बजे तक राज्य में 41.11 प्रतिशत वोटिंग हो गई है। 29 अप्रैल को राज्य में दूसरे चरण के वोट डाले जाएंगे। मतदान के बीच राज्य में हिंसा और झड़प की खबरें सामने आ रही है जिसने चिंता बढ़ा दी है। पहले जहां सिलीगुड़ी में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबरें सामने आई थी वहीं अब आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ झड़प होने का दावा किया है। इसी के विरोध में हुमायूं धरने पर बैठ गए है।

हूमायूं के काफिले पर हुई पत्थरबाजी

मुर्शिदाबाद के नौदा विधानसभा क्षेत्र में वोटिंग से पहले देर रात देसी बम फेंकने की घटना सामने आई थी। इस घटना में कई लोगों के घायल होने की बात भी कही जा रही थी। घटना की जानकारी मिलने पर कबीर नौदा पहुंचे जहां उन्हें भारी विद्रोह का सामना करना पड़ा। यहां टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ वापस जाओ के नारे लगाए गए और उनकी गाड़ी को घेर लिया। उनके काफिले पर पत्थरबाजी और लाठी-डंडों से हमला भी किया गया। स्थिति बिगड़ने पर मौके पर मौजूद केंद्रीय बलों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और हमलावरों को हुमायूं के काफिले से दूर हटाकर स्थिति को नियंत्रण में किया गया।

चुनाव आयोग ने इस घटना की रिपोर्ट मांगी

इस मामले मे टीएमसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग करते हुए अब हुमायूं कबीर धरने पर बैठ गए है। हुमायूं ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि इन बूथों पर टीएमसी कार्यकर्ता पुलिस के साथ मिलकर पूरी रात से हंगाम कर रहे है। वे पैसे देकर और अधिकारियों के साथ तालमेल बैठाकर चीजों को प्रभावित करना चाह रहे है। बाहर लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है। इस पूरे मामले में शामिल लोगों को पुलिस थानों से हटाया जाना चाहिए और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार मामला बढ़ने पर चुनाव आयोग ने इस घटना को लेकर DM/DEO से रिपोर्ट मांगी है।