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बंगाल में SIR पर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति पर दिलीप घोष बोले- नाम कटा है तो दस्तावेज दिखाओ, वापस जुड़ जाएगा

West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में SIR पर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के बीच दिलीप घोष ने विपक्ष को कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा- नाम कटा है तो दस्तावेज दिखाओ, वापस जुड़ जाएगा।
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Sep 24, 2026
West Bengal Politics, Dilip Ghosh Statement,
दिलीप घोष (फोटो सोर्स - एएनआई)

पश्चिम बंगाल में चुनावी विवाद फिर गरमाया है। दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति दर्ज कराने की खबरों के बीच राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने विपक्ष को सीधा ललकारा है। उन्होंने साफ कहा कि विपक्ष के पास कोई सबूत नहीं है और उनकी बात कोई सुनने वाला भी नहीं।

दिलीप घोष ने कहा कि एसआईआर (SIR) यानी 'मतदाता सूची में विशेष गहन संशोधन' का मुद्दा अदालत में भी उठा था। लोग कोर्ट तक गए थे। लेकिन नतीजा क्या निकला? कुछ भी नहीं। अदालत ने कोई बड़ा बदलाव नहीं किया।

'विपक्ष के पास कोई सबूत नहीं'

घोष ने कहा कि विपक्ष सिर्फ शोर मचा रहा है। असल में उनके पास कोई ठोस सबूत नहीं कि कहां गड़बड़ी हुई। मंत्री ने साफ भाषा में बताया कि अगर किसी नागरिक का नाम गलत तरीके से वोटर लिस्ट से हट गया है तो डरने की जरूरत नहीं। जरूरी कागजात जमा करो। नाम दोबारा जुड़ जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि यह प्रक्रिया आसान है। विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।

उपचुनाव में उम्मीदवार तक नहीं उतार पा रहे

घोष ने उपचुनाव को लेकर भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने पूछा कि जो पार्टियां उपचुनाव में उम्मीदवार तक नहीं खड़ा कर पातीं, उनकी बात कौन सुनेगा? ऐसे दल सिर्फ आरोप लगाते हैं। असल मैदान में उनका कोई वजूद नहीं दिखता। बंगाल की जनता अब इन खोखली बातों से ऊब चुकी है।

बता दें कि दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति की खबरों के बावजूद घोष ने चुनाव आयोग के फैसलों पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया पारदर्शी है। कोई भी नागरिक अपना हक आसानी से हासिल कर सकता है। विपक्ष को सबूत पेश करने चाहिए, सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलेगा।

अडानी ग्रुप के प्रोजेक्ट पर भी मंत्री ने दिया बयान

मंत्री दिलीप घोष ने इस बीच बंगाल में अडानी ग्रुप के प्रोजेक्ट पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा- अडानी ग्रुप यहां 2,000 बेड का अस्पताल बनाने जा रहा है और आज इसका भूमि पूजन समारोह हो रहा है। इसमें से 1,000 बेड गरीबों के लिए मुफ्त होंगे।

उन्होंने आगे कहा- यह काम अब शुरू हो रहा है और वे जिस भी तरह से काम करना चाहें, हम उनकी मदद करने के लिए तैयार हैं। सभी उद्योगपति और बिजनेस ग्रुप आ रहे हैं और उन्हें धीरे-धीरे जमीन भी दी जाएगी। साथ ही, उन कंपनियों से जमीन वापस ले ली जाएगी जिन्होंने पहले जमीन तो ली थी लेकिन कोई काम शुरू नहीं कर पाईं।

Updated on:
24 Sept 2026 08:59 am
Published on:
24 Sept 2026 08:59 am