मोहम्मद शमी ने कहा कि मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। चुनाव अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया बेहद पेशेवर तरीके से संभाली। मैं पिछले 25 साल से यहीं रह रहा हूं।
भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने मतदाता पहचान से जुड़े मामले में साफ शब्दों में अपनी बात रखी है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की सुनवाई में शामिल होने के बाद शमी ने कहा, “मैं एक गर्वित भारतीय और बंगाल का नागरिक हूं। अगर मुझे 10 बार बुलाया गया, तो मैं 10 बार आकर अपनी नागरिकता साबित करूंगा।”
कोलकाता के कटजुनगर स्थित स्वर्णमयी विद्यापीठ में आयोजित SIR सुनवाई में शमी अपने भाई मोहम्मद कैफ के साथ पहुंचे। बता दें कि दोनों भाइयों को हाल ही में नोटिस भेजा गया था क्योंकि वे चुनाव आयोग की अनमैप्ड वोटर श्रेणी में पाए गए थे। बताया गया है कि उनके माता-पिता के नाम किसी भी राज्य की 2003 की वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं हैं, जिसके चलते यह स्थिति बनी।
सुनवाई के दौरान मोहम्मद शमी और उनके भाई ने पहचान के प्रमाण के तौर पर अपने पासपोर्ट जमा कराए। करीब 15 मिनट चली प्रक्रिया के बाद बाहर निकले शमी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। चुनाव अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया बेहद पेशेवर तरीके से संभाली। मैं पिछले 25 साल से यहीं रह रहा हूं। अगर फिर बुलाया गया, तो दोबारा भी आऊंगा और पूरा सहयोग करूंगा।”
बता दें कि काले टी-शर्ट, जींस और कैप में मोहम्मद शमी कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर करीब 1 बजे केंद्र पहुंचे और सफेद SUV से रवाना हुए। शमी ने नागरिकों से भी अपील की कि अगर उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया जाए तो जरूर जाएं और अपने दस्तावेज़ अपडेट कराएं।
उन्होंने कहा कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने नाम और विवरण सही कराए। मोहम्मद शमी को न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज के लिए टीम में जगह नहीं मिली, लेकिन वह घरेलू क्रिकेट में सक्रिय हैं और आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलते नजर आएंगे।