
West Bengal UCC Bill: पश्चिम बंगाल विधानसभा में यूसीसी बिल पेश होगा। इस पर अब जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख और मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के लिए खतरा पैदा करेगा, जो इस UCC कानून को चुनौती देया या फिर इसे तोड़ने की कोशिश करेगा। उसे नतीजे भुगतने होंगे।
कबीर ने आगे कहा कि इस नियम का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें हिरासत में लिया जाएगा। मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है। एक पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर, मेरा काम अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए कदम उठाना है।
वहीें इस विधेयक पर तृणमूल कांग्रेस की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि मैं इस विधेयक का समर्थन करता हूं, क्योंकि इससे अशांति फैलाने वालों और आम जनता पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
BJP प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि जिस दिन से बीजेपी बनी है, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) उसके घोषित एजेंडे का हिस्सा रही है। अल्पसंख्यकों सहित कई लोग इसके कार्यान्वयन का समर्थन करते हैं। बिल लाना सरकार की जिम्मेदारी है। पार्टी के लिए, यह एक घोषणापत्र प्रतिबद्धता है और इसे आगे बढ़ाया जाएगा। एक राष्ट्र, एक कानून पूरे भारत में मांग है।
बीजेपी सांसद सौमित्र खान ने यूसीसी विधेयक को लेकर कहा कि यह ‘एक देश, एक कानून, एक पॉलिसी’ के बारे में है। हम सब एक ही कानून के तहत साथ रहेंगे। जैसे कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाया गया, वैसे ही हम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और अमित शाह के मार्गदर्शन में पश्चिम बंगाल में भी UCC लागू करेंगे। क्योंकि पश्चिम बंगाल एक राज्य है, इसलिए एक ही पॉलिसी और एक ही कानून होना चाहिए; एक कानून होने में क्या दिक्कत है? हम इसे पास करवाने के लिए विधानसभा में लाएंगे।
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों के लिए सभी धर्मों के लोगों पर एक समान कानून लागू करना है। इससे अलग-अलग धर्मों के व्यक्तिगत कानूनों (Personal Laws) की जगह एक समान कानूनी व्यवस्था लागू होगी।
भाजपा का कहना है कि इससे सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलेंगे और धर्म के आधार पर होने वाले कानूनी भेदभाव को खत्म किया जा सकेगा।