Bharat Taxi: Ola/Uber/Rapido निजी कंपनियां हैं, जहां सर्ज प्राइसिंग और हाई कमीशन आम हैं। भारत टैक्सी अमूल जैसी सहकारी संस्थाओं (IFFCO, NABARD आदि) द्वारा समर्थित है, जो फेयरनेस और ड्राइवर वेलफेयर पर फोकस करती है।
How To Use Bharat Taxi App: नए साल के पहले दिन केंद्र सरकार समर्थित 'भारत टैक्सी' ऐप आधिकारिक रूप से लॉन्च हो गई है। यह देश की पहली ड्राइवर-ओन्ड सहकारी राइड-हेलिंग सेवा है, जो ओला, उबर और रैपिडो जैसी निजी कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने का दावा कर रही है। सहकारिता मंत्रालय की इस पहल को दिल्ली-एनसीआर में ट्रायल के बाद पूरे देश में विस्तार देने की योजना है।
यह ऐप सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा संचालित है, जिसमें एनसीडीसी, इफ्को, अमूल, क्रिभको, नाफेड, नाबार्ड, एनडीडीबी और एनसीईएल जैसी प्रमुख सहकारी संस्थाएं शामिल हैं। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मार्च 2024 में इसकी घोषणा की थी। इसका मकसद ड्राइवरों को निजी ऐप्स के उच्च कमीशन से मुक्ति दिलाना और यात्रियों को सस्ती, पारदर्शी सेवा प्रदान करना है।
ऐप का सॉफ्ट लॉन्च दिसंबर 2025 में दिल्ली और गुजरात में हुआ था। पायलट फेज में रोजाना औसतन 5,500 राइड्स हुईं, जिनमें 4,000 एयरपोर्ट से और 1,500 अन्य जगहों से थीं। अब तक 1.4 लाख से ज्यादा ड्राइवर रजिस्टर हो चुके हैं। गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर पर ऐप उपलब्ध है। सेवा में कैब, ऑटो और बाइक की सुविधा है। जनवरी अंत तक अन्य शहरों में फुल लॉन्च की उम्मीद है।
भारत टैक्सी जीरो कमीशन मॉडल पर काम करती है – ड्राइवरों को पूरा किराया मिलता है, जबकि निजी ऐप्स 20-30% काटते हैं। कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं, फिक्स्ड और पारदर्शी किराया (अक्सर 25-30% सस्ता)। ड्राइवर सह-मालिक होते हैं, उन्हें लाभांश और बोर्ड प्रतिनिधित्व मिलता है। सुरक्षा के लिए पुलिस इंटीग्रेशन और बेहतर वेरिफिकेशन है। यह सहकारी मॉडल ड्राइवरों की कमाई बढ़ाएगा और यात्रियों को भरोसेमंद सेवा देगा।