
पलाउ झंडे वाले जहाज एमटी सेटेबेलो पर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में हुए हमले में भारतीय चीफ इंजीनियर पत्नाला सुरेश की मौत हो गई है। इस घटना के बाद पत्नी भर्गवी अब सरकार से आर्थिक मदद और पति का शव जल्द लाने की गुहार कर रही हैं।
भर्गवी ने बताया कि 9 जून की रात 8:30 बजे उन्होंने पति से आखिरी बार बात की थी। सब कुछ सामान्य था। लेकिन अगले दिन अचानक ऑफिस से फोन आया कि तीन क्रू मेंबर्स लापता हैं, जिनमें सुरेश भी शामिल थे। दोपहर तक पुष्टि हो गई कि उनके पति की मौत हो गई है।
भर्गवी ने बताया कि हमला किसने किया, अमेरिकी नौसेना या ईरानी नौसेना? अब तक कोई भी इसकी जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। कोई भी पक्ष इसे अपने ऊपर लेने को तैयार नहीं।
हॉर्मुज में जहाज पर हमला होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चला। रॉयल ओमान शिप के क्रू ने सुबह फिर से सर्च किया और सुरेश का शव मिला। पहचान होने के बाद परिवार को सूचना दी गई।
भर्गवी ने कहा- कल रात ही बाकी दो साथियों की भी मौत की खबर आ गई थी। लेकिन सुरेश का शव सुबह मिला। मैंने उनसे अनुरोध किया है कि शव को भारत लाने की प्रक्रिया जल्द पूरी करें। यह घटना कल सुबह की है, अब बहुत समय हो गया।
परिवार इस समय गहरे सदमे में है। सुरेश घर के मुख्य कमाऊ सदस्य थे। दो बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई और भविष्य का सवाल खड़ा हो गया है। भर्गवी ने सरकार से सीधा आग्रह किया- मुझे और मेरे बच्चों को आर्थिक सहायता दी जाए। मैं सब कुछ खुद संभालने की कोशिश करूंगी, लेकिन मदद जरूरी है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ता है। यहां तेल परिवहन होता है और अक्सर तनाव रहता है। इस घटना ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
विदेश मंत्रालय और शिपिंग मंत्रालय से अब परिवारों को उम्मीद है कि मामला जल्द सुलझे और मृतकों के परिवारों को हर संभव मदद मिले।
शव के आने के बाद अंतिम संस्कार होगा। इस मामले में आंध्र प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से जल्द एक्शन की मांग हो रही है।