
Teacher Salary Fraud: बिहार के शिक्षा विभाग के आंतरिक ऑडिट में वेतन भुगतान से जुड़ी कई कथित अनियमितताएं सामने आई हैं। नवादा, पटना और भागलपुर के तीन मामलों में सैलरी बढ़ाकर दिखाने, HRMS पोर्टल का अनधिकृत इस्तेमाल करने और फर्जी शिक्षकों के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान के आरोप लगे हैं। इन मामलों में कुल करीब 1.85 करोड़ रुपये के कथित अनियमित भुगतान का जिक्र है। राज्य सरकार ने सभी 38 जिलों में ऑडिट कराने की बात कही है।
बिहार सरकार के आंतरिक ऑडिट में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पोर्टल तक अनधिकृत पहुंच (Unauthorized Access), लॉगइन क्रेडेंशियल के दुरुपयोग और सैलरी भत्तों में अवैध रूप से मनचाही बढ़ोतरी किए जाने के मामले पकड़े गए हैं। ऑडिट में खुलासा हुआ है कि नवादा, पटना और भागलपुर इन तीनों जिलों में कुल मिलाकर करीब 1.85 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कुछ जगहों पर ऐसे शिक्षकों के नाम पर भी पैसे ट्रांसफर किए गए, जिनका वास्तव में कोई सबूत नहीं था।
नवादा: यहां एक प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका के वेतन में भारी खेल पकड़ा गया। अप्रैल और मई 2025 के दौरान तय वेतन से कई गुना ज्यादा राशि यानी लगभग 10.43 लाख रुपये का अतिरिक्त और अनधिकृत भुगतान कर दिया गया। पोर्टल के 'मेकर' और 'चेकर' की भूमिका निभा रहे क्लर्क पर इसमें मिलीभगत का शक है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पटना: राजधानी पटना के गुलजारबाग स्थित FNS एकेडमी में एक क्लर्क पर जिला शिक्षा पदाधिकारी की आधिकारिक 'मेकर' लॉगिन आईडी का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। करीब 76.71 लाख रुपये के वित्तीय गड़बड़ी के मामले में क्लर्क को निलंबित कर दिया गया है और आगे की विभागीय जांच जारी है।
भागलपुर: भागलपुर में एक काल्पनिक शिक्षिका (तनुश्री) के नाम पर कई महीनों तक सरकारी खजाने से लगभग 98.12 लाख रुपये का फर्जी भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। इस सिलसिले में एक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी पर केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य अधिकारी को भी निलंबित किया गया है।
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और सभी 38 जिलों की जांच की जा रही है। मंत्री ने अधिकारियों को नवंबर के मध्य तक यह आंतरिक ऑडिट प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, भविष्य में HRMS सिस्टम में किसी भी तरह की छेड़छाड़ या सेंधमारी को रोकने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है ताकि ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सकें।