राष्ट्रीय

क्या मंत्री दीपक प्रकाश के लिए खाली हुई MLC की सीट? BJP नेता के इस्तीफे के बाद आ गया उपेंद्र कुशवाहा के बेटे का बयान

Bihar MLC Resign: बिहार में भाजपा एमएलसी देवेश कुमार ने इस्तीफे दिया है। अब अटकलें हैं कि दीपक प्रकाश के लिए यह सीट खाली कराई गई, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा के बेटे ने इस बीच बड़ा बयान दिया है।
2 min read
Aug 01, 2026
bihar minister deepak prakash
पिता उपेंद्र कुशवाहा के साथ मंत्री दीपक प्रकाश (फोटो- फेसबुक)

बिहार में सियासत एक बार फिर चरम पर है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बेटे व बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी नियुक्ति को लेकर उठे सवाल पर प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने कहा कि मामला अदालत में है, इसलिए अब कुछ कहना ठीक नहीं होगा। इसके अलावा, उन्होंने भाजपा एमएलसी देवेश कुमार के इस्तीफे को लेकर भी बयान दिया।

बिहार में अटकलों का बाजार गर्म

बता दें कि देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में यह अटकलें हैं कि भाजपा ने एमएलसी सीट दीपक प्रकाश के लिए खाली कराई है, जो फिलहाल बिहार के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, पर छह महीने से ज्यादा समय तक मंत्री पद पर बने हैं। इसको लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

कोर्ट ने इसको लेकर बिहार सरकार से जवाब भी मांगा। जिसके बाद देवेश कुमार का इस्तीफा सामने आया। अब दीपक प्रकाश ने खुद भाजपा एमएलसी के इसतीफे पर सफाई दी है।

क्या बोले दीपक प्रकाश?

दरभंगा में दीपक प्रकाश ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा- सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है, इसलिए जवाब देना उचित नहीं। सभी तथ्य अदालत में रखे जाएंगे। आप तीन बातों को एक साथ जोड़ रहे हैं- कोर्ट का मुद्दा, एमएलसी का इस्तीफा और तीसरी बात सीट मेरे लिए खाली कराई गई। लेकिन इनके बीच कोई तार्किक या आधिकारिक कड़ी नहीं है।

'क्यों इस्तीफा दिया, पता नहीं'

दीपक ने साफ कहा कि भाजपा एमएलसी देवेश कुमार ने क्यों इस्तीफा दिया, इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि भाजपा एमएलसी देवेश कुमार ने अपने कार्यकाल से पहले ही इस्तीफा दिया था। वह 2021 में विधान परिषद के सदस्य बने थे। उनका टेन्योर अभी और एक साल का था, लेकिन उन्होंने पहले ही इस्तीफा दे दिया।

संवैधानिक नियम पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बिहार सरकार से साफ पूछा - बिना चुने हुए मंत्री को छह महीने से ज्यादा कैसे रखा जा सकता है? अनुच्छेद 164(4) के तहत गैर-विधायक व्यक्ति को सिर्फ छह महीने का समय मिलता है। उसके बाद उसे विधानसभा या परिषद का सदस्य बनना जरूरी है। दीपक प्रकाश इस नियम की सीमा पार कर चुके हैं, फिर भी पद पर बने हुए हैं।

नीतीश सरकार में भी मंत्री थे दीपक

पहली बार नवंबर 2025 में नीतीश कुमार सरकार में उन्हें पंचायती राज मंत्री बनाया गया। तब भी वे न विधायक थे, न पार्षद। छह महीने पूरे होने से पहले सरकार बदली। मई 2026 में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार में उन्हें फिर मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। लेकिन अब तक वह किसी सदन में नहीं पहुंच पाए।

Published on:
01 Aug 2026 09:02 am