1 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

CJP प्रोटेस्ट के दौरान PM मोदी का अपमान, मेटा इंडिया हेड सहित कई यूजर्स पर FIR के बाद कंपनी का आया बड़ा बयान

नीट पेपर लीक को लेकर प्रोटेस्ट के दौरान PM मोदी का सोशल मीडिया पर अपमान करने वाले कई अकाउंट्स पर हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने केस दर्ज किया। Meta India Head समेत यूजर्स पर कार्रवाई के बाद कंपनी का बयान सामने आया है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Mukul Kumar

Aug 01, 2026

PM Modi shares video

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्र। (फोटो- ANI)

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जमकर अपमान किया गया। अब इस मामले में कड़ा एक्शन हुआ है।

हैदराबाद के साइबरक्राइम पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए फर्जी और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो फैलाने वाले कई फेसबुक-इंस्टाग्राम अकाउंट्स के यूजर्स के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में मेटा कंपनी के भारत प्रमुख पर भी शिकायत दर्ज हुई है।

मेटा ने क्या दिया जवाब?

इस मामले में सख्त कार्रवाई के बाद मेटा की प्रतिक्रिया सामने आई है। मेटा कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वे संबंधित एजेंसियों के संपर्क में हैं और मामले को सुलझाने में पूरा सहयोग कर रहे हैं। कंपनी ने आगे कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

भाजपा सांसद ने क्या कहा?

भाजपा सांसद सदानंद शेट्टी तनावड़े ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों का आंदोलन शुरू तो अच्छे मुद्दे पर हुआ था, लेकिन इसमें बिना संबंध वाले लोग घुस गए।

उन्होंने कहा- पुलिस पर पत्थर फेंकना, गालियां देना और प्रधानमंत्री जैसे व्यक्ति को सोशल मीडिया पर गंदी भाषा में टारगेट करना बिल्कुल गलत है। सांसद ने केस दर्ज किए जाने का स्वागत किया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदर्शन का अधिकार सबको है, लेकिन इसमें सीमा का ध्यान रखना जरूरी है। व्यक्तिगत हमले और फर्जी सामग्री फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

आंदोलन के दौरान हैदराबाद में क्या हुआ?

नीट परीक्षा के पेपर लीक को लेकर छात्रों का आंदोलन शुरू हुआ था, लेकिन जल्द ही इसमें अलग-अलग पार्टियां और संगठन शामिल हो गए। हैदराबाद में प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पत्थर फेंके गए, गाली-गलौज हुई।

पुलिसकर्मियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि कैसे आंदोलनकारियों ने उनके रिश्तेदारों को गालियां दीं। सबसे ज्यादा विवाद उस समय बढ़ा जब सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी की मॉर्फेड तस्वीरें और आपत्तिजनक पोस्ट वायरल होने लगीं। इनमें पीएम को बदनाम करने की कोशिश साफ नजर आ रही थी।

सोशल मीडिया पर सख्ती क्यों?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ये अकाउंट्स जानबूझकर PM मोदी की छवि खराब करने के लिए फर्जी कंटेंट बना रहे थे। नीट आंदोलन को हाईजैक कर राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही थी। साइबरक्राइम टीम इन अकाउंट्स को ट्रेस कर रही है और जल्दी ही और कार्रवाई हो सकती है।