Bihar Politics: विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तेज प्रताप यादव की पार्टी की एक बैठक हुई। इसमें एनडीए को समर्थन करने का फैसला लिया गया।
बिहार की राजनीति में रविवार को एक बड़ा उलटफेर हुआ है। पार्टी और परिवार से बेदखल करने के बाद लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप ने एक बड़ा ऐलान किया है। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद जनशक्ति जनता दल की एक बैठक हुई। इसमें मौजूदा एनडीए सरकार को नैतिक समर्थन देने का फैसला लिया गया। तेज प्रताप के इस फैसले को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं उन्होंने अपनी बहन रोहिणी आचार्य को JJD में शामिल होने का ऑफर दिया है।
बैठक के बाद पार्टी प्रवक्ता प्रेम यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि तेज प्रताप यादव जल्द ही रोहिणी आचार्य से बात करेंगे और जेजेडी में शामिल होने की अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि रोहिणी से तेज प्रताप पार्टी की राष्ट्रीय संरक्षक की जिम्मेदारी संभालने का आग्रह करेंगे। बैठक में कहा गया कि रोहिणी के साथ जो हुआ है उसका बदला लिया जाएगा।
प्रेम यादव ने कहा कि राजद अब तेजस्वी की नहीं संजय यादव की पार्टी हो गई है। लालू यादव की नई पार्टी जनशक्ति जनता दल है। वहीं तेज प्रताप ने रोहिणी आचार्य के कथित अपमान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मेरे साथ जो हुआ मैंने सह लिया, लेकिन मेरी बहन का अपमान किसी भी हालत में असहनीय है। इस दौरान उन्होंने कुछ लोगों को जयचंद भी कहा।
बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले लालू प्रसाद यादव ने बड़े बेटे तेज प्रताप को पार्टी और परिवार से बेदखल कर दिया। दरअसल, तेज प्रताप ने फेसबुक पर अनुष्का के साथ अपने रिलेशनशिप को लेकर पोस्ट शेयर की थी। इसके बाद प्रदेश की सियासत में हलचल पैदा हो गई। इस पोस्ट के बाद तेज प्रताप पर लालू ने एक्शन लिया और पार्टी और परिवार से बेदखल कर दिया।
पार्टी और परिवार से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी बनाई। इसका नाम जनशक्ति जनता दल रखा। विधानसभा चुनाव में जेजेडी ने अपने प्रत्याशी उतारे, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। विधानसभा चुनाव में JJD का खाता भी नहीं खुल सका। तेज प्रताप खुद महुआ सीट से हार गए।