
Amit Shah in Araria : बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले प्रदेश में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। सभी राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अररिया में एक विशाल जनसभा को संबोधित कर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चुनावी अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने 'जय श्रीराम' के नारे लगवाए और बिहारवासियों को इस बार चार दीपावली मनाने का संदेश दिया।
अमित शाह ने विपक्षी नेताओं राहुल गांधी और लालू प्रसाद यादव पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये दोनों नेता घुसपैठियों को संरक्षण देना चाहते हैं, जबकि बीजेपी का संकल्प है कि चुन-चुनकर एक-एक घुसपैठिए को देश से बाहर किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि बीजेपी बिहार सहित पूरे देश में घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
अमित शाह ने यूपीए के शासनकाल की आलोचना करते हुए कहा कि उनके समय में राम मंदिर निर्माण में देरी हुई। उन्होंने कहा, सैंकड़ों सालों तक रामलला तंबू में रहे, लेकिन मोदी सरकार ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनवाया, और जल्द ही वहां ध्वजा भी लहराएगी। शाह ने मोदी सरकार की अन्य उपलब्धियों का भी जिक्र किया, जिनमें धारा 370 हटाना, तीन तलाक समाप्त करना, और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के जरिए हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता देना शामिल है।
केंद्रीय गृहमंत्री ने बिहारवासियों को चार दीपावली मनाने का आह्वान किया। पहली दीपावली प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने की, दूसरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 75 लाख जीविका दीदियों के खाते में 10,000 रुपये भेजने की, तीसरी जीएसटी में 395 से ज्यादा वस्तुओं के दाम कम करने या शून्य करने की और चौथी एनडीए-बीजेपी की सरकार 160 से ज्यादा सीटों के साथ बनाने की। उन्होंने लोगों से स्वदेशी सामान खरीदने की अपील भी की।
शाह ने विकास के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि यूपीए की मनमोहन सरकार ने 10 साल में बिहार को केवल 2.80 लाख करोड़ रुपये दिए, जबकि मोदी सरकार ने 2014 से 2025 तक 16 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है। उन्होंने दावा किया कि यह राशि बिहार के विकास को नई गति दे रही है।
शाह ने लालू प्रसाद और राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्ष का विकास से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने बिहार की जनता से अपील की कि वे एनडीए को भारी बहुमत देकर राज्य में विकास और सुशासन को मजबूत करें।