Bilkis Bano Gagrape Case: साल 2002 में गुजरात में हुए गोधरा कांड के बाद बिल्किस बानो गैंगरेप मामले में उम्र कैद की सजा पाए सभी 11 दोषी बीते सोमवार को जेल से रिहा हो गए। इनकी रिहाई के बाद बिलकिस बानो की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। पढ़िए बिलकिस बानो ने अपने परिवार के हत्यारों और रेपिस्टों की रिहाई पर क्या कहा?
Bilkis Bano Gagrape Case: गुजरात सरकार की क्षमा नीति के तहत बीते सोमवार को बिलकिस बानो गैंगरेप केस के सभी 11 आरोपियों को जेल से रिहा कर दिया। साल 2002 में गुजरात के गोधरा में भड़के दंगे के दौरान इन सभी आरोपियों ने पांच महीने की गर्भवती बिलकिस बानो के साथ न केवल गैंगरेप किया था, बल्कि उनके परिवार के सात लोगों की हत्या कर दी थी। इन दोषियों की जेल से रिहाई के बाद अब बिलकिस बानो की प्रतिक्रिया सामने आई है।
बिलकिस बानो ने कहा कि उम्रकैद की सजा काट रहे 11 दोषियों की समय-पूर्व रिहाई ने न्याय पर उनके भरोसे को तोड़ दिया है। गुजरात सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए बिलकिस ने कहा कि ‘इतना बड़ा और अन्यायपूर्ण फैसला’ लेने से पहले किसी ने उनकी सुरक्षा के बारे में नहीं पूछा। उन्होंने कहा कि इस फैसले को सुनकर उन्हें लकवा सा मार गया है।
बिलकिस बानो ने कहा कि मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैं अभी भी होश में नहीं हूं। मैं सिर्फ इतना कह सकती है कि किसी महिला के लिए न्याय ऐसे कैसे खत्म हो सकता है? बिलकिस बानो की ओर से उनकी वकील शोभा द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि दो दिन पहले 15 अगस्त, 2022 को जब मैंने सुना कि मेरे परिवार और मेरी जिन्दगी बर्बाद करने वाले, मुझसे मेरी तीन साल की बेटी को छीनने वाले 11 दोषियों को आजाद कर दिया गया है तो 20 साल पुराना भयावह अतीत मेरे सामने मुंह बाए खड़ा हो गया।
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मालूम हो कि बिलकिस बानो सामूहिक बलात्कार और उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले के दोषी सभी 11 लोगों को गुजरात की भाजपा सरकार ने माफी नीति के तहत सजा माफ करते हुए 15 अगस्त को उन्हें गोधरा उप-कारागार से रिहा कर दिया था। इनकी रिहाई के बाद बिलकिस के पति ने कहा कि उस घटना के बाद से हमलोग अभी तक डर के साए में जी रहे हैं। अब इनकी रिहाई के बाद हमारी जान को और खतरा बढ़ गया है।
उल्लेखनीय हो कि 2002 में गोधरा में कारसेवकों की ट्रेन में आग लगाए जाने की घटना के बाद भड़की हिंसा में बिलकिस बानो का परिवार दंगाईयों की चपेट में आ गया था। इस केस में मुंबई स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने जनवरी 2008 को गैंगरेप और बिल्किस बानो के परिवार के सात सदस्यों की हत्या के जुर्म में 11 लोगों को दोषी पाते हुए इन सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में मुंबई हाई कोर्ट ने भी उनकी सजा बरकरार रखी थी।