
इस साल के अंत में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी ने 17 अगस्त को ही चुनाव के ऐलान से करीब 3 महीने पहले ही 21 प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है। इन नामों में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम अभनपुर सीट से बनाए गए प्रत्याशी का है। पार्टी ने यहां से अपने तीन बार के विधायक, सांसद और रमन सरकार में मंत्री रहे चंद्रशेखर साहू का टिकट काटकर दो बार के सरपंच इंद्र कुमार साहू पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनावी मैदान में उतारा है।
रमन सरकार में कृषि मंत्री रह चुके हैं चंद्रशेखर
पार्टी ने जिस चंद्रशेखर साहू का टिकट काटा है वह पहली बार 1985 में विधायक बने। इसके बाद वो 1990 और 2008 में विधायक बने। रमन सिंह की सरकार में चंद्रशेखर साहू को कृषि मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। वो 1998 के आम चुनावों में लोकसभा सांसद भी चुने गए थे। पार्टी ने इन सारी उपलब्धियों के बावजूद उन्हें इस बार अपना उम्मीदवार नहीं बनाया है।
कौन हैं इंद्र कुमार साहू?
बीजेपी ने जिस इंद्र कुमार साहू को विधानसभा चुनाव का टिकट दिया है वो फिलहाल बेंद्री से लगातार दूसरी बार के सरपंच हैं। वह जिला पंचायत का सदस्य भी रह चुके हैं। चुनाव का टिकट मिलने के बाद वह काफी उत्साहित हैं। इंद्र कुमार ने कहा कि सरपंच और जिला पंचायत सदस्य रहने के चलते उन्हें गांवों के विकास में भूमिका निभाने का सौभाग्य मिला है। वह कन्या विवाह, शिक्षा को लेकर लगातार काम कर रहे हैं, जिसका उन्हें फायदा मिलेगा।
साहू बाहुल्य सीट है अभनपुर
बता दें कि अभनपुर विधानसभा साहू बाहुल्य है। यहां लगभग 35 फीसदी मतदाता साहू समाज से है। इस सीट पर कुल 1 लाख 94 हजार 246 हैं मतदाता। पिछले चुनाव में एक लाख 63 हजार 55 वोट (83.94 प्रतिशत) पड़े थे। जिसमें से कांग्रेस के धनेंद्र साहू को 76 हजार 761 वोट प्रतिशत वोट लाकर विजयी हुए थे। वहीं, बीजेपी के चंद्रशेखर साहू को 53 हजार 290 वोट से ही संतोष करना पड़ा था। इस विधानसभा सीट पर ओबीसी और एससी वोट बैंक का दबदबा है।
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