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लोकसभा में अगले सप्ताह ‘विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम संशोधन विधेयक’ होगा पेश! विदेशी फंडिंग के नियम सख्त

FCRA Amendment Bill: लोकसभा में अगले सप्ताह विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) में संशोधन से जुड़ा विधेयक पेश होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, विधयेक पर चर्चा और उसे पारित कराने का प्रस्ताव सूचीबद्ध किया गया है।
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FCRA Amendment Bill 2026

लोकसभा में अगले सप्ताह FCRA Amendment Bill 2026 होगा पेश, Photo- ANI

FCRA Amendment Bill: लोकसभा में अगले सप्ताह विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) में संशोधन से जुड़ा विधेयक पेश होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, विधयेक पर चर्चा और उसे पारित कराने का प्रस्ताव सूचीबद्ध किया गया है। केंद्र सरकार ने उन गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के लिए विदेशी फंडिंग के नियम सख्त किए हैं, जिन पर धार्मिक धर्मांतरण में सहायता करने के आरोप हैं। प्रस्तावित संशोधनों का कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल कड़ा विरोध कर रहे हैं।

इसलिए महत्वपूर्ण है यह विधेयक

लोकसभा में प्रस्तावित संशोधन विधेयक के माध्यम से विदेशी फंडिंग से जुड़े नियमों में संभावित बदलावों पर विचार किया जाएगा। केंद्र सरकार ने हाल ही में उन NGO के लिए विदेशी फंडिंग के नियम और सख्त किए हैं, जिन पर धार्मिक धर्मांतरण में सहायता करने के आरोप हैं। वहीं, कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने प्रस्तावित FCRA संशोधनों का विरोध करने की घोषणा की है।

क्या है विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम?

विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (Foreign Contribution Regulation Act-FCRA) भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण नियामक और निगरानी संबंधी कानून है। देश में विदेशों से आने वाले चंदे और अन्य आर्थिक सहायता का नियमन इसी कानून के माध्यम से किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी धन का उपयोग देश की संप्रभुता, आंतरिक सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय हितों के विरुद्ध न हो। लोकसभा में प्रस्तावित संशोधन विधेयक के जरिए विदेशी फंडिंग से जुड़े नियमों में संभावित बदलावों पर चर्चा होगी।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

इस कानून के तहत पंजीकृत संस्थाओं को प्राप्त विदेशी धनराशि का पूरा हिसाब-किताब, धन का मूल स्रोत तथा उसके उपयोग (सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक आदि) का विस्तृत विवरण सरकार को देना अनिवार्य होता है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 और उसके बाद किए गए संशोधनों के माध्यम से कानून को और सख्त बनाया है। इसके तहत किसी भी गैरकानूनी गतिविधि, धार्मिक धर्मांतरण या अन्य प्रतिबंधित उद्देश्यों के लिए विदेशी धन के उपयोग पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।

विपक्षी दल विरोध में उतरे

विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम के तहत देश के किसी भी गैर-सरकारी संगठन (NGO), ट्रस्ट, शैक्षणिक संस्थान या धार्मिक संगठन को विदेशों से चंदा या आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से एफसीआरए पंजीकरण (FCRA Registration) या पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके बिना विदेशी फंड स्वीकार नहीं किया जा सकता। विधेयक में संशोधन करने का कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं।

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